Summer express,चंडीगढ़। हरियाणा में जल जीवन मिशन के दूसरे चरण को लागू करने के लिए को केंद्र और राज्य सरकार के बीच वर्चुअल माध्यम से समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कार्यक्रम में भाग लिया।
हरियाणा सरकार की ओर से जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के आयुक्त एवं सचिव मोहम्मद शाइन ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी और मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव यशपाल यादव वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ें।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जल जीवन मिशन-2.0 केवल जल आपूर्ति तक सीमित नहीं रहेगा। इसका ध्यान जल की गुणवत्ता, स्थिरता और दीर्घकालिक प्रबंधन पर केंद्रित होगा। इस चरण में जल भंडारण टैंकों का आधुनिकीकरण, शेष ग्रामीण परिवारों को पाइपलाइन के माध्यम से जल आपूर्ति से जोड़ना और नूंह, पलवल व महेंद्रगढ़ जैसे जल संकटग्रस्त क्षेत्रों में विशेष परियोजनाओं का क्रियान्वयन शामिल होगा। इस पर कुल लगभग तीन हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि मिशन के पहले चरण में हरियाणा ने ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक नल और पर्याप्त पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की। वर्ष 2019 में केवल 58 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों के पास नल कनेक्शन था, लेकिन सरकार के सतत प्रयासों से अप्रैल 2022 तक शत-प्रतिशत कवरेज हासिल किया गया और राज्य देश में अग्रणी बन गया।
केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल ने हरियाणा सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि पहले चरण में हासिल शत-प्रतिशत लक्ष्य उत्कृष्टता का प्रमाण है। उन्होंने जल जीवन मिशन–2 के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी राज्यों के साथ समन्वय और समझौते की आवश्यकता पर जोर दिया और इस दिशा में नियमित बैठकें आयोजित करने की बात कही।