Summer express, धर्मशाला | राज्यसभा सांसद इंदु वाला गोस्वामी ने हिमाचल प्रदेश सरकार के बजट को निराशाजनक और आम जनता के हितों के खिलाफ करार दिया है। सांसद ने कहा कि सरकार पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने का दावा करती है, लेकिन बजट में पर्यटन और परिवहन क्षेत्रों को पर्याप्त धनराशि नहीं दी गई, जिससे राज्य का पर्यटन उद्योग और इससे जुड़े व्यवसायियों तथा पेशेवरों को नुकसान होगा।
गोस्वामी ने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार ने बजट में सामाजिक सेवाओं की अनदेखी की है। उनके अनुसार वृद्धावस्था, अपंग और विधवा पेंशन का समय पर वितरण सुनिश्चित नहीं किया गया है, जिससे समाज के सबसे कमजोर वर्गों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
सांसद ने यह भी कहा कि सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण और ग्रामीण विकास योजनाओं के लिए आवंटित धन राशि नगण्य है। देश के सबसे बड़े ग्रामीण प्रधान राज्य में ग्रामीण क्षेत्रों की उपेक्षा सत्तारूढ़ दल की प्राथमिकताओं को दर्शाती है। इसके अलावा, बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार सृजन के प्रभावी प्रयास बजट में दिखाई नहीं दिए।
इंदु वाला गोस्वामी ने सरकार पर सरकारी धन की फिजूलखर्ची, भ्रष्टाचार और अनावश्यक व्यय के आरोप भी लगाए। उन्होंने सख्त कदम उठाने, खर्च को नियंत्रित करने और धन का उचित उपयोग सुनिश्चित करने की सलाह दी। सांसद ने कहा कि केवल अफसरों और राजनेताओं के वेतन में अस्थायी कटौती जनता की आंखों में धूल झोंकने जैसा है, जबकि व्यापक जनहित में ठोस कदम उठाना आवश्यक है।