Summer express,अंबाला | अंबाला कैंट के हिम्मतपुरा निवासी अमन की मौत का मामला अब भी उलझा हुआ है। 21 मार्च सुबह तीन बजे से 23 मार्च रात नौ बजे तक युवक के साथ क्या हुआ, इसका स्पष्ट विवरण अभी तक सामने नहीं आया है। पुलिस ने थाने में लाने और छोड़ने के बीच की घटनाओं की जांच शुरू कर दी है।
अमन का शव अंबाला-जगाधरी हाईवे पर नाइट फूड स्ट्रीट कैंट के पास मिला। मृतक के परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस बीच, अंबाला कैंट थाना में तैनात ड्यूटी ऑफिसर एसआई मोहन लाल को सस्पेंड कर दिया गया है। अमन पेशे से इलेक्ट्रिशियन था।
पुलिस ने मंगलवार को शव का पोस्टमॉर्टम कर स्वजनों को सौंप दिया। हालांकि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार अभी जारी है। परिवार का आरोप है कि अगर अमन को थाने से ही उन्हें सौंपा जाना था, तो उसे उनके आने से पहले क्यों छोड़ दिया गया। मौत की ठोस वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाई है।
मृतक के भाई प्रिंस ने आरोप लगाया कि अमन थाने से बाहर नहीं निकला, जबकि बाद में उसका शव बरामद हुआ। उनका कहना है कि अमन अपने दोस्त अशोक उर्फ निक्कू के साथ शराब पी रहा था, जिसके बाद पुलिस ने उसे थाने में रखा। हालांकि, परिवार को सूचना दी गई कि अमन को छोड़ दिया गया है।
परिवार का यह भी कहना है कि रात के समय थाने में उनके माता-पिता के साथ पुलिस कर्मियों ने दुर्व्यवहार किया। सीसीटीवी फुटेज में गाड़ियां तो निकलती दिखाई दे रही हैं, लेकिन अमन कहीं भी नजर नहीं आया। परिवार थाने के भीतर और बाहर की घटनाओं पर सवाल उठा रहा है और आरोप लगा रहा है कि कहीं न कहीं कुछ गड़बड़ हुई है।
मंजू निवासी हिम्मतपुरा ने थाना में शिकायत दी थी कि उनका बेटा अमन अपने दोस्त अशोक के साथ गया था। अशोक की मां अस्पताल में भर्ती थी और खाना देने के लिए दोनों गए थे। 22 मार्च को सुबह पुलिस ने परिवार को सूचना दी कि अमन थाने में है। जब परिवार थाने पहुंचा तो पुलिस ने कहा कि उसे छोड़ दिया गया है, लेकिन रात तक वह घर नहीं लौटा।
शव का पोस्टमॉर्टम कर वारिसों को सौंप दिया गया है और जांच के लिए विसरा लैब भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा होगा।