Summer express,कुरुक्षेत्र |हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में धान और चावल के स्टॉक में गड़बड़ी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। पिहोवा के बाद अब इस्माइलाबाद स्थित एक राइस मिल में बड़े घोटाले की आशंका जताई जा रही है। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी ग्रुप) ने दावा किया है कि हाल ही में हुई फिजिकल वेरिफिकेशन के दौरान मिल में करीब 90 गाड़ी चावल की कमी पाई गई है।
भाकियू चढूनी के प्रवक्ता राकेश बैंस ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा पिराई के लिए भेजा गया धान मिल से गायब है। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले प्रशासन द्वारा करवाई गई जांच में सामने आया कि मिल में जितना चावल होना चाहिए था, उतना स्टॉक मौजूद नहीं है। उनके अनुसार, मिल संचालक ने सरकार को सौंपे जाने वाले चावल में भारी गड़बड़ी की है।
इस मामले को लेकर किसानों ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पंचायत भी की। राकेश बैंस ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि मिल संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। उन्होंने कहा कि यदि तय समय सीमा में कार्रवाई नहीं होती, तो दोपहर 1 बजे किसान गुरुद्वारा साहिब में एकत्रित होकर बड़े आंदोलन का ऐलान करेंगे।
उधर, पिहोवा की राइस मिलों में कथित ‘रिश्वतकांड’ का मामला भी तूल पकड़ता जा रहा है। फिजिकल वेरिफिकेशन के दौरान 15-15 हजार रुपये लेकर क्लीन चिट देने की वायरल ऑडियो क्लिप सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। कुरुक्षेत्र के उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने इस पूरे मामले की जांच एसडीएम पिहोवा अनिल कुमार दून को सौंपी है। साथ ही डीएफएससी को निर्देश दिए गए हैं कि जांच से संबंधित सभी दस्तावेज तुरंत उपलब्ध कराए जाएं।
किसानों का कहना है कि एक ओर प्रशासन पारदर्शिता का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर बड़े स्तर पर चावल के स्टॉक में कमी सामने आना गंभीर अनियमितताओं की ओर संकेत करता है। भाकियू ने स्पष्ट किया है कि अब वे केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होंगे, बल्कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग पर अड़े रहेंगे।