Summer Express,पलवल | पलवल जिले की अनाज मंडियों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीद शुरू होनी थी, लेकिन पहले ही दिन व्यवस्था खामियों के चलते पलवल मंडी में किसानों को निराशा हाथ लगी। करीब 4000 क्विंटल गेहूं लेकर पहुंचे किसानों का एक भी दाना नहीं बिक सका।
जानकारी के अनुसार, पलवल, होडल, हथीन और हसनपुर अनाज मंडियों में खरीद प्रक्रिया शुरू की जानी थी। हालांकि पलवल मंडी में हैफेड और वेयर हाउस के अधिकारियों के पास कुछ आवश्यक दस्तावेज पूरे न होने के कारण खरीद शुरू नहीं हो पाई। दिनभर किसान मंडी में अधिकारियों का इंतजार करते रहे, लेकिन खरीद नहीं हो सकी। मंडी सचिव नवदीप सिंह ने बताया कि कागजी प्रक्रिया पूरी न होने के कारण पहले दिन खरीद नहीं हो पाई, और उम्मीद है कि बृहस्पतिवार से खरीद कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
इस बार गेहूं की खरीद 2,585 रुपये प्रति क्विंटल के एमएसपी पर की जा रही है और भुगतान 48 घंटे के भीतर किसानों के बैंक खातों में करने की व्यवस्था की गई है। इसके बावजूद मंडियों में तैयारियों की कमी साफ नजर आई। मंडी परिसर में गेहूं की खरीद खुले में किए जाने की संभावना है, क्योंकि टीन शेड में सरसों के कट्टे रखे होने के कारण वहां स्थान उपलब्ध नहीं है।
प्रशासन द्वारा नए नियम भी लागू किए गए हैं। मंडी में गेहूं लाने वाले वाहनों पर नंबर प्लेट होना अनिवार्य किया गया है। साथ ही किसान की स्वयं उपस्थिति जरूरी है। यदि किसान उपस्थित नहीं होता, तो उसे पोर्टल पर तीन नामांकित व्यक्तियों को दर्ज करना होगा, जिनमें से कोई अधिकृत व्यक्ति फसल बेच सकेगा।
नए नियमों की जानकारी के अभाव में कई किसान बिना नंबर प्लेट वाले ट्रैक्टरों के साथ मंडी पहुंचे, जिन्हें गेट पर ही रोक दिया गया। मंडी कर्मचारियों ने वाहनों और किसानों की फोटो लेकर पोर्टल पर अपलोड की प्रक्रिया भी की।
इसी बीच, मंडी में अटल रसोई में गैस सिलेंडर खत्म होने की समस्या भी सामने आई, जिससे वहां भोजन की व्यवस्था प्रभावित हुई। बाद में मार्केट कमेटी के चेयरमैन ने गैस सिलेंडर की व्यवस्था करवाई।
उधर, जिला उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने होडल और हथीन अनाज मंडियों का निरीक्षण कर खरीद प्रक्रिया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।