हमीरपुर, अरविन्द:हमीरपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष डॉ. एसपी कत्याल ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के फील्ड अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे जिले की सभी 320 उचित मूल्य की दुकानों में साफ-सफाई और खाद्यान्नों के सुरक्षित भंडारण को सुनिश्चित करें।
उन्होंने यह भी कहा कि दुकानों को केवल कार्यात्मक ही नहीं बल्कि साफ-सुथरा और आकर्षक बनाने के लिए संचालकों को विशेष रूप से प्रेरित किया जा रहा है, ताकि उपभोक्ताओं को बेहतर अनुभव मिल सके। पिछले तीन दिनों के दौरान जिले में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया गया, जिसमें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत विभिन्न योजनाओं की स्थिति का जायजा लिया गया।डॉ. कत्याल ने जानकारी दी कि निरीक्षण के दौरान मिड डे मील योजना सहित चार प्रमुख योजनाओं की गुणवत्ता और क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक को निर्देश दिए कि स्कूलों में मिड डे मील योजना के प्रभावी संचालन के लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की जाए। साथ ही, स्कूलों में नियमित निरीक्षण कर स्वच्छता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे उचित मूल्य की दुकानों, गोदामों और आटा मिलों का नियमित निरीक्षण करें। खाद्यान्नों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सैंपलिंग और टेस्टिंग अनिवार्य रूप से की जाए। इसके अलावा, सभी संबंधित स्थानों पर शिकायत नंबर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उपभोक्ता किसी भी समस्या की तुरंत शिकायत दर्ज कर सकें।
डॉ. कत्याल ने यह भी कहा कि आटा मिलों में एनएफएसए के तहत आवंटित गेहूं की पिसाई के समय अधिकारियों की मौजूदगी सुनिश्चित की जाए, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने स्वीकार किया कि विभाग में स्टाफ की कमी है, लेकिन इसके बावजूद विभिन्न विभागों के सहयोग से योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है।