शिमला, समर न्यूज ब्यूरो: हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार से मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राजधानी शिमला में सुबह से ही बारिश का दौर शुरू हो गया, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। इससे पहले वीरवार को शिमला सहित पूरे प्रदेश में मौसम साफ बना रहा और अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते प्रदेश के मौसम में बदलाव आया है। विभाग ने 3 और 4 अप्रैल के लिए चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों के कई क्षेत्रों में अंधड़ और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है।मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि प्रदेश में 8 अप्रैल तक मौसम खराब बना रह सकता है। इस दौरान तापमान में गिरावट के साथ-साथ कई इलाकों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। 3, 4 और 8 अप्रैल को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है, जबकि 5 से 7 अप्रैल के बीच भी कुछ क्षेत्रों में मौसम खराब रहने के आसार हैं।
पूर्वानुमान के अनुसार 10 से 16 अप्रैल के बीच भी ऊंचाई और मध्य पहाड़ी क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी देखने को मिल सकती है।तापमान की बात करें तो बुधवार रात को शिमला में न्यूनतम तापमान 11.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सुंदरनगर में 13.1, भुंतर में 11.5, कल्पा में 5.0, धर्मशाला में 6.5 और ऊना में 15.4 डिग्री दर्ज हुआ। इसके अलावा नाहन में 14.5, सोलन में 12.0, मनाली में 9.1, कांगड़ा में 15.8, मंडी में 14.6, बिलासपुर में 15.0, कुकुमसेरी में 3.1, पांवटा साहिब में 21.0 और देहरागोपीपुर में 19.0 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
वहीं, मार्च माह के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस बार सामान्य से 17 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई। जहां सामान्य वर्षा 113.4 मिमी मानी जाती है, वहीं इस वर्ष केवल 93.6 मिमी बारिश हुई। हालांकि ऊना, बिलासपुर, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में सामान्य से अधिक वर्षा हुई, जबकि चंबा, किन्नौर और लाहौल-स्पीति में कम बारिश दर्ज की गई।मौसम विभाग के अनुसार, 1901 के बाद यह मार्च माह 56वीं सबसे अधिक वर्षा वाला रहा, जो प्रदेश में मौसम के बदलते रुझानों की ओर संकेत करता है।