Summer Express, रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU) में रजिस्ट्रार डॉ. कृष्णकांत गुप्ता के खिलाफ नॉन-टीचिंग कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों द्वारा शुरू की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते विश्वविद्यालय के प्रशासनिक (एडमिनिस्ट्रेटिव) ब्लॉक में काम पूरी तरह ठप हो गया है, जिसका सीधा असर हजारों छात्रों पर पड़ रहा है।
MDU नॉन-टीचिंग स्टाफ एसोसिएशन के प्रधान सुरेश ने बताया कि विवाद की मुख्य वजह रजिस्ट्रार का कथित तौर पर सख्त और नियमों की अनदेखी करने वाला रवैया है। कर्मचारियों का आरोप है कि रजिस्ट्रार ने नियमों के विपरीत जाकर एक सेवानिवृत्त कर्मचारी को अपना OSD नियुक्त किया है, जिससे युवाओं के रोजगार के अवसर प्रभावित हो रहे हैं।
एसोसिएशन के अनुसार, कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने 4 अप्रैल तक मांगों के समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। कर्मचारियों का यह भी कहना है कि जब वे अपनी बात रखने के लिए रजिस्ट्रार से मिलने पहुंचे, तो उन्होंने मिलने से इनकार कर दिया। इसके बाद आक्रोशित कर्मचारियों ने ‘रजिस्ट्रार हटाओ, यूनिवर्सिटी बचाओ’ के नारे लगाते हुए धरना शुरू कर दिया।
हड़ताल के कारण एडम ब्लॉक में प्रशासनिक कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं। इससे छात्रों के माइग्रेशन सर्टिफिकेट, फीस संबंधी कार्य और रजिस्ट्रेशन जैसी प्रक्रियाएं रुक गई हैं। आगामी परीक्षाओं को देखते हुए रोल नंबर जारी करने का कार्य भी बाधित हो गया है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो परीक्षाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।
इसके अलावा, विश्वविद्यालय में होने वाले प्रैक्टिकल भी रोक दिए गए हैं और UMC से जुड़े छात्रों के रिजल्ट में भी देरी की आशंका जताई जा रही है।
MDU से संबद्ध रोहतक के अलावा गुरुग्राम, सोनीपत, झज्जर और भिवानी के कॉलेज भी इस हड़ताल से प्रभावित हो सकते हैं। एसोसिएशन के प्रधान सुरेश ने कहा कि प्रशासन की अनदेखी के कारण छात्र परेशान हो रहे हैं और यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से हड़ताल खत्म कराने के लिए कोई आधिकारिक बयान या वार्ता की पहल सामने नहीं आई है, जिससे छात्रों की चिंता और बढ़ गई है।