Summer express,नूंह | नूंह जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। अलग-अलग स्थानों से फर्जी खातों और सिम कार्ड के जरिए ऑनलाइन ठगी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमीउल हक, रोबिन और यूसुफ के रूप में हुई है। पुलिस ने इन्हें नूंह और फिरोजपुर झिरका क्षेत्र के अलग-अलग गांवों से पकड़ा है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये आरोपी फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट, नकली सिम कार्ड और बैंकिंग ऐप्स का इस्तेमाल कर लोगों से ठगी करते थे।
पहले मामले में पिनंगवा थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर गांव मामलिका से अमीउल हक को गिरफ्तार किया। उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ, जिसमें फर्जी सिम कार्ड, व्हाट्सएप अकाउंट और संदिग्ध ग्रुप पाए गए। जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित नंबर के खिलाफ पहले से ऑनलाइन शिकायत दर्ज थी।
दूसरे मामले में साइबर थाना टीम ने दिल्ली-अलवर रोड स्थित गांव आकेड़ा के पास से रोबिन को पकड़ा। उसके पास से दो मोबाइल फोन और एक एटीएम कार्ड बरामद हुआ। मोबाइल की जांच में राजस्थान, गोवा और असम सहित कई राज्यों में साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े सबूत मिले हैं।
तीसरे मामले में सीआईए स्टाफ फिरोजपुर झिरका ने यूसुफ को नल्हड़ रोड क्षेत्र से गिरफ्तार किया। आरोपी ऑनलाइन गाय-भैंस बेचने के नाम पर लोगों को ठगता था। उसके मोबाइल से फर्जी फेसबुक और व्हाट्सएप अकाउंट, बैंकिंग ऐप्स और संदिग्ध लेन-देन के रिकॉर्ड मिले हैं।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी फर्जी सिम और बैंक खातों के जरिए अपनी पहचान छिपाकर साइबर अपराध को अंजाम देते थे। तीनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।
पुलिस ने सभी आरोपियों से बरामद मोबाइल, सिम कार्ड और अन्य उपकरणों को कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने कहा है कि साइबर अपराध के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।