Summer express,शिमला | हिमाचल प्रदेश में सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों की फीस संरचना में बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं कि मौजूदा फीस को और कम करने पर विचार किया जाए, ताकि अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम हो सके।
वर्तमान व्यवस्था के तहत एससी, एसटी और अन्य आरक्षित वर्गों के लिए वार्षिक फीस 1500 रुपये तथा सामान्य वर्ग के लिए 1800 रुपये निर्धारित है। सरकार का कहना है कि यह फीस निजी स्कूलों की तुलना में काफी कम है, लेकिन इसके बावजूद इसे और अधिक तर्कसंगत बनाने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने हाल ही में शिक्षा विभाग की बैठक के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा करते हुए स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है, साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी परिवार पर अनावश्यक वित्तीय दबाव न पड़े।
हालांकि शिक्षा विभाग का कहना है कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र के लिए फीस पहले ही निर्धारित की जा चुकी है और छात्रों का दाखिला भी हो चुका है, ऐसे में किसी भी प्रकार का बदलाव अगले सत्र से ही लागू करना व्यावहारिक होगा।
प्रदेश में इस समय 158 सरकारी स्कूल सीबीएसई से संबद्ध हैं, जिनमें 1 अप्रैल 2026 से नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल केवल बोर्ड संबद्धता में बदलाव किया जा रहा है, जबकि स्कूलों में दी जा रही सुविधाएं पूर्ववत रहेंगी।
इसके साथ ही सरकार इन स्कूलों के लिए शिक्षकों का अलग सब-कैडर तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू कर चुकी है, ताकि इन स्कूलों में स्थिर और विशेषज्ञ स्टाफ उपलब्ध कराया जा सके। योजना के अनुसार, वर्ष 2027 में इन स्कूलों में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित की जाएंगी, जबकि 2028 से सीबीएसई बोर्ड परीक्षा प्रणाली लागू होने की संभावना है।