हिसार | चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू), हिसार में छात्रों का आंदोलन 27 जून को 18वें दिन में प्रवेश कर गया है। प्रशासन की ओर से टालमटोल रवैये, अधूरी घोषणाओं और छात्र हितों की अनदेखी के बावजूद छात्र अभी भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि छात्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि 1 जुलाई तक सभी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो 2 जुलाई से विश्वविद्यालय और उससे जुड़े सभी कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) पूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे।
पहले छात्रों ने 27 जून को एचएयू के चारों मुख्य द्वार बंद करने का ऐलान किया था, लेकिन सरकार को एक और मौका देने की मंशा से यह फैसला फिलहाल टाल दिया गया है। छात्र नेताओं का कहना है कि अब उनका धैर्य समाप्ति की ओर है और यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
प्रशासन पर गंभीर आरोप: हॉस्टल में पानी और भोजन की सुविधा बंद
छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि हॉस्टल में पानी की आपूर्ति बंद कर दी गई है, जिसकी पुष्टि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से हो रही है। साथ ही, गर्ल्स हॉस्टल की वार्डन द्वारा छात्राओं को हॉस्टल खाली करने का आदेश भी जारी कर दिया गया। मेस बंद कर दिए जाने से छात्र-छात्राएं भोजन से वंचित हो गए। इस स्थिति में छात्राओं ने 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को बुलाया, जिसके बाद उन्हें देर रात भोजन उपलब्ध कराया गया।
आंदोलन बना जन-आंदोलन, छात्रों ने सरकार को दी चेतावनी
छात्रों का कहना है कि आंदोलन अब जन-आंदोलन का रूप ले चुका है और सरकार को उनकी आवाज़ सुननी ही पड़ेगी। उनका आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद उन्हें मानवाधिकारों से वंचित किया जा रहा है। छात्र-छात्राएं देर रात तक प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए।
पृष्ठभूमि: स्कॉलरशिप कटौती बना आंदोलन की वजह
गौरतलब है कि 10 जून को छात्रवृत्ति में कटौती के विरोध में छात्रों ने प्रदर्शन शुरू किया था। इस दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों के बीच झड़प हुई, जिसमें छात्रों पर लाठीचार्ज हुआ और कई छात्र घायल हो गए थे। दोनों पक्षों पर एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें एक अधिकारी की गिरफ्तारी भी हुई थी।
बुधवार को शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा से हुई बातचीत में छात्रों की प्रमुख मांग — कुलपति को हटाने — पर आंशिक सहमति बनी और वीसी को छह महीने की छुट्टी पर भेजने की बात कही गई। अब छात्र इस फैसले की लिखित पुष्टि की मांग कर रहे हैं।