यमुनानगर | आबकारी विभाग ने जिले में शराब ठेकों की नीलामी प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए 45 में से 5 जोन के ठेकों की सफलतापूर्वक नीलामी कर दी है। कुल 44 करोड़ 92 लाख 99 हजार 555 रुपये में इन ठेकों की बोली लगी, जोकि उनके निर्धारित रिजर्व प्राइस 44 करोड़ 80 लाख 4 हजार से करीब 12.95 लाख रुपये अधिक है। इस नीलामी से शराब कारोबारियों में सकारात्मक संदेश गया है, जिससे अन्य ठेकेदारों की भी रुचि बढ़ी है।
इन 5 जोन में से चार ठेके एच.एस. लिकर्स के महेंद्र गुप्ता ने खरीदे, जबकि एक ठेका प्रवेश कुमार के नाम रहा। जल्द ही शेष 40 जोन की नीलामी की तारीख भी तय की जाएगी।
इन जोनों की हुई बिक्री:
- जोन-13 सबलपुर-पाबनी कलां: रिजर्व प्राइस 7.67 करोड़, बिका 7.67 करोड़ 98 हजार 400 रुपये
- बहरामपुर-घोड़ों पीपली जोन: रिजर्व प्राइस 10.29 करोड़, बिका 10.29 करोड़ 38 हजार रुपये
- अग्रसेन चौक-तेजली जोन: रिजर्व प्राइस 8.65 करोड़, बिका 8.65 करोड़ 74 हजार 200 रुपये
- तीर्थ नगर-बाड़ी माजरा जोन: रिजर्व प्राइस 7.46 करोड़, बिका 7.51 करोड़ रुपये
- कैंप एरिया-जैन नगर जोन: रिजर्व प्राइस 10.70 करोड़, बिका 10.78 करोड़ 78 हजार 955 रुपये
शराब तस्करी बनी चुनौती
जिले में अब तक कुल 55 जोनों में से सिर्फ 10 जोनों के 20 ठेकों की नीलामी हुई थी। जिन इलाकों में ठेके नहीं खुले, वहां रहने वालों को शराब खरीदने के लिए 20-30 किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। इस परिस्थिति का लाभ शराब तस्करों ने उठाया और आसपास के जिलों से शराब लाकर बेचने लगे हैं।
कई ठेके अब भी सील
जिले के 55 जोनों में 110 शराब ठेके हैं। विभाग ने कुल ठेकों का रिजर्व प्राइस 485 करोड़ रुपये तय किया था और लक्ष्य करीब 500 करोड़ राजस्व जुटाने का था। 4 जून को हुई नीलामी में 10 जोनों से 82.76 करोड़ की बोली लगी थी जबकि रिजर्व प्राइस 81.01 करोड़ था। 12 जून से नई शराब नीति लागू होने के बाद 90 ठेकों की नीलामी नहीं हो पाने के कारण विभाग ने इन्हें सील कर दिया था। वर्तमान में करीब 80 ठेकों पर ताले लटके हैं और 40 जोन की नीलामी अब भी लंबित है।