summer express,कुरुक्षेत्र | नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) कुरुक्षेत्र में पिछले दो महीनों के भीतर चार छात्र-छात्राओं की आत्महत्या के मामलों ने कैंपस का माहौल तनावपूर्ण बना दिया है। इन घटनाओं के विरोध में देर रात सैकड़ों छात्र-छात्राएं सड़कों पर उतर आए और संस्थान प्रशासन व शिक्षकों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कुछ प्रोफेसरों और हॉस्टल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। छात्रों का आरोप है कि एक छात्र प्रियांशु की आत्महत्या के बाद एक प्रोफेसर ने असंवेदनशील टिप्पणी की, जिससे छात्रों में भारी रोष है। वहीं, दीक्षा दुबे के मामले में छात्राओं ने हॉस्टल वार्डन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि समय पर सूचना देने के बावजूद वार्डन ने तुरंत कार्रवाई नहीं की, जिसके कारण मदद मिलने में देरी हुई।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कैंपस में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। बढ़ते विरोध के बीच संस्थान प्रशासन ने अचानक 18 अप्रैल से 4 मई तक छुट्टियों की घोषणा कर दी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि थ्योरी परीक्षाएं पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होंगी, जबकि प्रैक्टिकल परीक्षाएं ऑनलाइन आयोजित की जाएंगी।
इस दौरान संस्थान के कार्यवाहक निदेशक डॉ. ब्रह्मजीत सिंह अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे। छात्रों ने स्पोर्ट्स इंचार्ज साबुद्दीन के निलंबन या तबादले, सभी मामलों की निष्पक्ष जांच और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
देर रात तक चले प्रदर्शन के बाद प्रशासन की ओर से जांच का आश्वासन मिलने पर छात्रों ने शुक्रवार सुबह करीब 3 बजे अपना धरना समाप्त कर दिया। संस्थान प्रशासन ने सभी आरोपों की जांच के लिए समिति गठित करने की बात कही है और मामले की जांच जारी है।