Summer express,पलवल | पलवल की अनाज मंडी में गेहूं खरीद और उठान प्रक्रिया को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। आढ़तियों ने ट्रांसपोर्टरों पर प्रति कट्टा चार रुपये की अवैध वसूली करने का आरोप लगाया है, जिससे मंडी में असंतोष गहराता जा रहा है।
हरियाणा आढ़ती एसोसिएशन के जिला प्रधान गौरव तेवतिया ने इस मामले की शिकायत जिला उपायुक्त से की है और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। आढ़तियों का कहना है कि अतिरिक्त राशि देने से इनकार करने पर गेहूं उठान के लिए गाड़ियां उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं।
मंडी में उठान की धीमी रफ्तार के कारण गेहूं के ढेर लग गए हैं, जिससे भंडारण की गंभीर समस्या पैदा हो गई है। बदलते मौसम को देखते हुए किसानों और आढ़तियों की चिंता और बढ़ गई है, क्योंकि हाल ही में बारिश के कारण पहले भी फसल भीग चुकी है।
जानकारी के अनुसार, पलवल अनाज मंडी में अब तक लगभग 8 लाख 66 हजार गेहूं के कट्टों की खरीद की जा चुकी है, जबकि उठान केवल करीब 5 लाख कट्टों का ही हो पाया है।
आढ़तियों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा लोडिंग के नाम पर प्रति कट्टा चार रुपये की अवैध वसूली की जा रही है। वहीं, सरकार की ओर से पहले से ही ट्रांसपोर्ट और उठान का भुगतान तय है, इसके बावजूद अतिरिक्त राशि की मांग की जा रही है।
आढ़तियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। इससे पहले भी मंडी में अनियमितताओं के आरोप लग चुके हैं, जिसमें धान खरीद के दौरान प्रति क्विंटल 289 रुपये कमीशन वसूली के आरोप शामिल रहे हैं।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 15 दिनों में लगभग 2900 किसानों को भुगतान किया गया है, जबकि कुल 52 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। हालांकि आढ़तियों का कहना है कि उठान धीमा होने से किसानों को समय पर भुगतान नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
वहीं वेयरहाउस अधिकारी का कहना है कि फसल उठान की प्रक्रिया लगातार जारी है और यदि अवैध वसूली की कोई शिकायत मिलती है तो उसकी जांच की जाएगी।