Summer express,तावड़ू | तावड़ू अनाज मंडी में किसानों की सुविधा के लिए बनाए गए विश्राम गृह पर वर्षों से प्रशासनिक कार्यालयों का कब्जा बना हुआ है। उपमंडल अधिकारी और डीएसपी कार्यालय इसी भवन में चल रहे हैं, जिसके चलते मंडी में फसल बेचने आए किसानों को तेज धूप और गर्मी में खुले में बैठने को मजबूर होना पड़ रहा है।
यह विश्राम गृह वर्ष 2009 में करीब 35 लाख रुपये की लागत से तत्कालीन सरकार द्वारा किसानों के लिए बनाया गया था। इसमें हवादार कमरे, गद्देदार कुर्सियां और कूलर जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं ताकि किसान आराम कर सकें। लेकिन 2017 में तावड़ू को उपमंडल का दर्जा मिलने के बाद से इस भवन का उपयोग प्रशासनिक कार्यों के लिए शुरू कर दिया गया।
स्थिति यह है कि जिन किसानों के लिए यह भवन बनाया गया था, वे अब या तो पेड़ों की छांव में बैठने को मजबूर हैं या अपनी फसल की बोरियों पर ही आराम करते नजर आते हैं। भीषण गर्मी के बीच मंडी में घंटों इंतजार करना किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है।
स्थानीय किसानों का कहना है कि मंडी में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है। किसानों ने आरोप लगाया कि नाममात्र की किसान कैंटीन भी है, जहां पर मिलने वाला भोजन गुणवत्ता के मानकों पर खरा नहीं उतरता।
किसानों ने यह भी बताया कि फसल बेचने के दौरान उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ता है और धूप में खड़े रहना उनकी मजबूरी बन गई है।
इस मामले पर प्रशासन का पक्ष भी सामने आया है। उपायुक्त नूंह अखिल पिलानी ने कहा कि किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लिया गया है और गुढ़ी निहालगढ़ सीमा में नया लघु सचिवालय अगले फसल सीजन तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि तब तक मंडी में किसानों के लिए टेंट और अस्थायी व्यवस्था की जाएगी ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।
फिलहाल, किसानों का कहना है कि उन्हें तत्काल राहत की जरूरत है, क्योंकि वे लगातार गर्मी और अव्यवस्थाओं के बीच अपनी फसल बेचने को मजबूर हैं।