Summer express गाजीपुर | उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के करंडा क्षेत्र स्थित कटारिया गांव में उस समय तनावपूर्ण हालात बन गए, जब समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रतिनिधिमंडल और स्थानीय लोगों के बीच हिंसक झड़प हो गई। घटना के दौरान जमकर पथराव हुआ, जिसमें कई पुलिसकर्मी और सपा नेता घायल हो गए। पुलिस ने मामले में अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, सपा का एक प्रतिनिधिमंडल तीन दिन पहले गंगा नदी से बरामद एक युवती के शव के मामले में पीड़ित परिवार से मिलने गांव पहुंचा था। इसी दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने पथराव शुरू कर दिया, जिससे हालात बेकाबू हो गए और दोनों पक्षों के बीच टकराव बढ़ गया।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि सत्ता संरक्षित दबंगों और गांव के प्रधान की ओर से पार्टी कार्यकर्ताओं पर जानलेवा हमला किया गया। उन्होंने इसे पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) समाज पर हमला बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस हमले में पूर्व मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा समेत कई लोग घायल हुए हैं।
वहीं, अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) ज्ञानेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक, प्रशासन ने पहले ही सपा नेताओं को गांव में बड़े प्रतिनिधिमंडल के साथ न जाने की सलाह दी थी, क्योंकि स्थानीय लोग घटना को लेकर संवेदनशील थे। निर्देशों के बावजूद करीब 200 समर्थक गांव पहुंच गए, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
पुलिस अधीक्षक इराज राजा ने बताया कि हालात अब नियंत्रण में हैं और गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है।
पुलिस के अनुसार, युवती की मौत के मामले में पहले हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था और नामजद आरोपी को जेल भेजा गया था। हालांकि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण डूबना सामने आया है। शुरुआती जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, क्योंकि मृतका और मुख्य आरोपी के बीच पहले से संबंध होने की बात सामने आई है।