Summer express/मंडी, धर्मवीर -:हिमाचल प्रदेश में नगर निगम चुनावों के दौरान आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता मनदीप चंदेल ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के खिलाफ राज्य निर्वाचन आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग उठाई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मुख्यमंत्री ने चुनावी सभाओं और प्रेस वार्ताओं के दौरान मतदाताओं को प्रभावित करने के उद्देश्य से कई वित्तीय घोषणाएं कीं, जो चुनाव आचार संहिता के नियमों के विपरीत हैं।
भाजपा की ओर से दी गई शिकायत के अनुसार, मुख्यमंत्री ने मंडी नगर निगम क्षेत्र के कुछ वार्डों में आयोजित जनसभाओं में कहा कि यदि कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार चुनाव जीतते हैं तो संबंधित वार्डों को करोड़ों रुपये की विकास राशि उपलब्ध कराई जाएगी। आरोप है कि मंडी के नेला और थनेड़ा वार्ड में आयोजित रैलियों में मुख्यमंत्री ने विशेष आर्थिक सहायता देने का सार्वजनिक ऐलान किया। इसके अलावा पालमपुर और धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रमों में भी उन्होंने अलग-अलग वार्डों के लिए विकास फंड जारी करने का आश्वासन दिया।
मनदीप चंदेल का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया जारी रहने के दौरान इस प्रकार की घोषणाएं मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास हैं और इससे निष्पक्ष चुनाव की भावना प्रभावित होती है। शिकायत में यह भी कहा गया कि यह हिमाचल प्रदेश पंचायत एवं नगर पालिका आदर्श आचार संहिता 2015 की विभिन्न धाराओं का उल्लंघन है, जिनमें चुनाव अवधि के दौरान वित्तीय अनुदान और लोकलुभावन घोषणाओं पर रोक लगाई गई है।
भाजपा नेता ने निर्वाचन आयोग को वीडियो क्लिप, प्रेस रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज भी सौंपे हैं, जिन्हें शिकायत के समर्थन में साक्ष्य बताया गया है। शिकायत पत्र में आयोग से मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वतः संज्ञान लेने और संबंधित सभाओं की रिकॉर्डिंग मंगवाने की मांग की गई है।इसके साथ ही आयोग से मुख्यमंत्री और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने तथा चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाने का आग्रह किया गया है। इस मुद्दे को लेकर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मामला और अधिक चर्चा में रहने की संभावना जताई जा रही है।