कुरुक्षेत्र, गुरदीत सिंह गुजराल -:जिला पुलिस ने दसवीं की सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में फर्जी तरीके से दूसरे छात्र की जगह परीक्षा देने और दिलवाने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में एक युवती, जो किसी अन्य छात्रा के स्थान पर परीक्षा देने पहुंची थी, तथा परीक्षा की पूरी साजिश रचने वाले मुख्य आरोपी को पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस अब इस मामले से जुड़े एक अन्य फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।
जानकारी के अनुसार, यह मामला 15 मई 2026 को सामने आया, जब गुरुकुल परीक्षा केंद्र में सीबीएसई की दसवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा आयोजित की जा रही थी। परीक्षा केंद्र में नियुक्त सुपरिटेंडेंट नरेंद्र सिंह और अन्य शिक्षकों को एक परीक्षार्थी युवती पर शक हुआ। ड्यूटी पर मौजूद एक शिक्षक ने बताया कि युवती की उम्र और कद-काठी सामान्य दसवीं कक्षा की छात्राओं जैसी नहीं लग रही थी। संदेह होने पर जब उसके दस्तावेजों और पहचान की जांच की गई, तो पूरा मामला उजागर हो गया।
जांच में सामने आया कि युवती असली छात्रा की जगह परीक्षा देने आई थी। इसके बाद परीक्षा केंद्र प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थर्ड गेट पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची और युवती को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान पुलिस को इस पूरे फर्जीवाड़े के पीछे संगठित तरीके से काम कर रहे गिरोह की जानकारी मिली।थर्ड गेट पुलिस चौकी प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि गिरफ्तार युवती कैथल जिले की रहने वाली है। वहीं जांच आगे बढ़ाने पर पुलिस ने मुख्य आरोपी विनोद कुमार निवासी सीवन, जिला कैथल को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि वही इस पूरी योजना का मास्टरमाइंड था और उसने पैसों के लालच में दूसरे से परीक्षा दिलवाने की व्यवस्था की थी।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले में राहुल नाम का एक अन्य युवक भी शामिल है, जो फिलहाल फरार चल रहा है। उसका मोबाइल फोन बंद आने के कारण उसकी लोकेशन ट्रेस नहीं हो पाई है। पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में जुटी हुई हैं और जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है।गिरफ्तार दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस तरह की गतिविधियों में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा क्या इससे पहले भी इसी प्रकार की फर्जी परीक्षाएं दिलवाई गई थीं।