Summer express/शिमला, संजू-: राजधानी शिमला में कचरा प्रबंधन व्यवस्था इन दिनों गंभीर चुनौती का सामना कर रही है। सेहब कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल लगातार जारी रहने से शहर में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इस बीच शिमला शहरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक हरीश जनार्था ने कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील की है।
विधायक हरीश जनार्था ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर सरकार गंभीर है और इस विषय पर लगातार चर्चा चल रही है। उन्होंने जानकारी दी कि सेहब से जुड़े मुद्दों पर निर्णय लेने के लिए 4 जून को एजीएम बुलाई गई है, जिसमें कर्मचारियों की प्रमुख मांगों पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मुख्य मांग 10 प्रतिशत वेतन वृद्धि की है और इस पर सकारात्मक रुख अपनाया गया है। हालांकि अंतिम फैसला एजीएम में ही लिया जा सकता है।हरीश जनार्था ने कहा कि इस विषय को लेकर मुख्यमंत्री स्तर पर भी चर्चा जारी है।
मुख्यमंत्री के लौटने के बाद इस मामले पर विस्तृत बातचीत होगी, जिसके बाद कर्मचारियों की मांगों को लेकर उचित निर्णय लिया जाएगा।उन्होंने कर्मचारियों से संयम बनाए रखने और शहरहित में कार्य पर लौटने की अपील की।उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में शिमला में पर्यटन सीजन शुरू होने वाला है और ऐसे समय में सफाई व्यवस्था प्रभावित होना शहर की छवि के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि 4 जून को होने वाली एजीएम में कर्मचारियों की मांगों का समाधान निकल जाएगा। साथ ही पिछली एजीएम में लिए गए कुछ फैसलों की भी समीक्षा की जा सकती है।दूसरी ओर सेहब कर्मचारी यूनियन फिलहाल अपनी हड़ताल जारी रखने के पक्ष में है।यूनियन का कहना है कि हाल ही में नगर निगम प्रशासन के साथ बैठक जरूर हुई, लेकिन कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया।कर्मचारियों का आरोप है कि निगम प्रशासन मौखिक आश्वासन तो दे रहा है, लेकिन मांगों को लिखित रूप में स्वीकार करने को तैयार नहीं है।कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में 10 प्रतिशत वेतन वृद्धि के अलावा 4-9-14 नीति के तहत लाभ देना और सेवाकाल के लिए ग्रेच्युटी का प्रावधान शामिल है।यूनियन का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर लिखित सहमति नहीं मिलती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।