Summer express, चंडीगढ़। हरियाणा में भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए मौसम विभाग ने पहली बार ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। प्रदेश के कई जिलों में लू का प्रकोप लगातार तेज हो रहा है और आने वाले दिनों में हालात और गंभीर होने की आशंका जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 25 मई से शुरू होने वाले ‘नौतपा’ के कारण तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है।
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के औसत अधिकतम तापमान में 0.9 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई, जो सामान्य से 4.4 डिग्री अधिक है। रोहतक प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां तापमान 46.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से 6.2 डिग्री ज्यादा है। इसके अलावा अंबाला में 44.4 डिग्री और करनाल में 44.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। राज्य के सात से अधिक शहरों में पारा 45 डिग्री या उससे ऊपर दर्ज किया गया।
गर्मी का असर अब रात के तापमान पर भी दिखाई देने लगा है। प्रदेश का औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.3 डिग्री अधिक रिकॉर्ड किया गया। भिवानी में रात का न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि अंबाला में रात का तापमान सामान्य से 5.4 डिग्री ज्यादा 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं यमुनानगर के हथनीकुंड बैराज क्षेत्र में सबसे कम 25.1 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड हुआ।
मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि अगले पांच से छह दिनों तक प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा और 25 मई तक तीव्र लू का दौर जारी रहेगा। खासकर दक्षिणी और पश्चिमी हरियाणा में तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रहने की संभावना है।
भीषण गर्मी को देखते हुए मौसम विभाग ने आम लोगों, किसानों और पशुपालकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। लोगों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, ओआरएस, छाछ, लस्सी और नींबू पानी जैसे पेय पदार्थ लेने की अपील की गई है। बाहर निकलते समय हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने और सिर ढककर रखने की सलाह भी दी गई है।
किसानों को सलाह दी गई है कि फसलों की सिंचाई सुबह या शाम के समय ही करें, ताकि गर्मी के असर से फसल को बचाया जा सके। गेहूं और जौ की थ्रेशिंग के बाद भूसे को सुरक्षित स्थान पर रखने को कहा गया है। तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए अगले तीन दिनों तक कपास की बुवाई टालने और सब्जियों में सिंचाई रोकने की सलाह दी गई है।
पशुपालकों को भी पशुओं को छायादार स्थानों में रखने, पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने और गर्मी से बचाव के लिए नियमित रूप से नमक व मिनरल मिक्सचर देने के निर्देश जारी किए गए हैं।
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