Summer express/शिमला, संजू -: शिमला शहर में SEHB कर्मचारियों की हड़ताल के चलते कचरा प्रबंधन व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इस बीच नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान ने उम्मीद जताई है कि आगामी AGM बैठक से पहले कर्मचारियों और निगम प्रशासन के बीच समाधान निकल आएगा। महापौर ने कहा कि नगर निगम कर्मचारियों की मांगों को स्वीकार करने के पक्ष में है, लेकिन अंतिम निर्णय AGM में ही लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर SEHB कर्मचारियों के साथ बैठक भी की गई है और मुख्यमंत्री के शिमला लौटने पर मामला उनके समक्ष भी रखा जाएगा।
महापौर सुरेंद्र चौहान ने बताया कि नगर निगम की एफसीपीसी बैठक में शहर से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम अब एक आधुनिक मोबाइल ऐप विकसित करने जा रहा है। इस ऐप को तैयार करने में लगभग 17 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। ऐप के माध्यम से शहरवासियों को कई जरूरी सेवाएं घर बैठे मोबाइल फोन पर उपलब्ध होंगी।उन्होंने कहा कि इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्लंबर, कारपेंटर, दर्जी सहित अन्य मूलभूत सेवाओं से जुड़े लोगों की जानकारी उपलब्ध रहेगी, ताकि नागरिक आसानी से जरूरत के अनुसार सेवाएं प्राप्त कर सकें। नगर निगम ऐप को वार्ड स्तर पर लोगों तक पहुंचाएगा और संबंधित वार्डों में सेवाएं देने वाले व्यक्तियों को भी इससे जोड़ा जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ लोगों को त्वरित सुविधा भी मिल सकेगी।वहीं शहर में बढ़ते आवारा कुत्तों के मामलों पर भी नगर निगम ने चिंता जताई है। महापौर ने कहा कि इस समस्या को गंभीरता से लिया जा रहा है और आने वाले समय में कुत्तों के स्टेरलाइजेशन अभियान को तेज किया जाएगा। फिलहाल यह जिम्मेदारी एक निजी संस्था को दी गई है, जो कुत्तों के स्टेरलाइजेशन और वैक्सीनेशन का कार्य कर रही है। इसके अलावा नगर निगम आक्रामक और लोगों के लिए खतरा बन रहे कुत्तों को पकड़ने की कार्रवाई भी करेगी।