Summer express, अनिल मंगला , फरीदाबाद। बल्लभगढ़ के सरकारी अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। अस्पताल में तैनात एक फार्मासिस्ट पर अपनी जगह निजी व्यक्ति से ड्यूटी करवाने के आरोप लगे हैं। मामला उजागर होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है और जांच शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, सरकारी अस्पताल में तैनात फार्मासिस्ट ब्रजेश यादव खुद ड्यूटी करने की बजाय देवेश नामक एक निजी युवक से फार्मेसी का काम करवा रहा था। आरोप है कि मरीजों को दवाइयां देने जैसी संवेदनशील जिम्मेदारी भी उसी निजी व्यक्ति के भरोसे छोड़ी गई थी।
बताया जा रहा है कि अस्पताल में फार्मासिस्ट के दो पद स्वीकृत हैं। इनमें से एक महिला कर्मचारी सीसीएल अवकाश पर है, जबकि दूसरे पद पर तैनात फार्मासिस्ट नियमित रूप से ड्यूटी पर मौजूद नहीं रहता। ऐसे में मरीजों को दवाई वितरण का काम निजी युवक के माध्यम से चलाया जा रहा था।
इस पूरे मामले ने अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि यदि किसी मरीज को गलत दवा दे दी जाती या किसी प्रकार की गंभीर चूक हो जाती, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता।
मामले को लेकर सरकारी अस्पताल बल्लभगढ़ के एसएमओ डॉ. टीसी गिडवाल ने कहा कि जांच में यह बात सही पाई गई है कि फार्मासिस्ट द्वारा निजी व्यक्ति को फार्मेसी में लगाया गया था। उन्होंने इसे स्वास्थ्य विभाग और सरकार की छवि खराब करने वाला गंभीर मामला बताया।
डॉ. गिडवाल ने बताया कि संबंधित फार्मासिस्ट के खिलाफ पहले भी लापरवाही को लेकर कार्रवाई की जा चुकी है। अब दोबारा मामला सामने आने के बाद पूरी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, फार्मेसी में काम कर रहे युवक देवेश ने भी स्वीकार किया कि उसे फार्मासिस्ट ब्रजेश यादव ने रखा था, सरकार की ओर से उसकी कोई नियुक्ति नहीं हुई थी। इसके अलावा फार्मेसी में एम्स की ओर से तैनात फार्मासिस्ट राम ने भी बताया कि ब्रजेश यादव कभी-कभी ही अस्पताल आता है और उसी ने निजी युवक को दवाई वितरण के काम में लगाया हुआ था।
इस घटना के सामने आने के बाद मरीजों की सुरक्षा और सरकारी अस्पतालों में निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।