Summer express, चेन्नई। तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) सरकार का पहला मंत्रिमंडल विस्तार गुरुवार को संपन्न हुआ। इस विस्तार में TVK के 21 और सहयोगी दल कांग्रेस के 2 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। नए मंत्रियों के शामिल होने के बाद विजय सरकार के मंत्रियों की कुल संख्या बढ़कर 32 हो गई है।
हालांकि सरकार को समर्थन दे रहे सहयोगी दल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) और विदुथलाई चिरुथिगल काची (VCK) को फिलहाल मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली है। दोनों दलों के पास दो-दो विधायक हैं और गठबंधन की राजनीति में उनकी भूमिका अहम मानी जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, IUML और VCK के लिए मंत्रिमंडल में एक-एक पद आरक्षित रखा गया है, लेकिन दोनों दलों की ओर से अभी तक मंत्री पद के लिए नाम तय नहीं किए गए हैं। माना जा रहा है कि आगामी चरण में इन सहयोगी दलों को भी सरकार में शामिल किया जा सकता है।
विजय सरकार लगातार सहयोगी दलों VCK, CPI, CPM और IUML को औपचारिक रूप से सरकार में शामिल होने का न्योता दे रही है। फिलहाल ये दल सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे हैं। तमिलनाडु के लोक निर्माण एवं खेल मंत्री आधव अर्जुन ने हाल ही में कहा था कि मुख्यमंत्री विजय की इच्छा है कि सभी सहयोगी दल सरकार का हिस्सा बनें।
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 10 मई को नौ मंत्रियों के साथ पद की शपथ ली थी। तमिलनाडु में अधिकतम 35 मंत्री बनाए जा सकते हैं। ऐसे में अभी भी मंत्रिमंडल में तीन पद खाली हैं, जिन पर सहयोगी दलों के प्रतिनिधियों को मौका मिल सकता है।
इस कैबिनेट विस्तार की सबसे बड़ी राजनीतिक चर्चा कांग्रेस की सत्ता में वापसी को लेकर हो रही है। करीब छह दशक बाद कांग्रेस तमिलनाडु सरकार का हिस्सा बनी है। कांग्रेस विधायक राजेश कुमार और पी. विश्वनाथन ने मंत्री पद की शपथ ली।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, 1967 में डीएमके के सत्ता में आने के बाद पहली बार कांग्रेस को तमिलनाडु सरकार में प्रतिनिधित्व मिला है। इससे राज्य की राजनीति में नए समीकरण बनने के संकेत भी माने जा रहे हैं।