Summer express, फरीदाबाद। सेक्टर-3 स्थित सरकारी अस्पताल FRU-2 की पार्किंग में टॉर्च की रोशनी में महिला की डिलीवरी कराने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारी सुखवीर को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। मामले ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।
जानकारी के अनुसार, फरीदाबाद के सिविल सर्जन कार्यालय ने उच्च अधिकारियों की मंजूरी के बाद सुखवीर की सेवाएं समाप्त करने के आदेश जारी किए। इससे पहले ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ नर्स राखी को भी निलंबित किया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा और इलाज में किसी भी प्रकार की अमानवीय लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दरअसल, बड़ौली गांव निवासी गर्भवती महिला बलेश को प्रसव पीड़ा होने पर शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात करीब दो बजे परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि अस्पताल का मुख्य गेट बंद मिला और इमरजेंसी वार्ड में भी कोई स्टाफ मौजूद नहीं था। महिला की हालत बिगड़ने पर परिजनों को मजबूरी में अस्पताल की पार्किंग में ही मोबाइल और टॉर्च की रोशनी में डिलीवरी करानी पड़ी।
पीड़िता के परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि थोड़ी और देरी होती तो मां और नवजात दोनों की जान खतरे में पड़ सकती थी। घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन ने जांच के आदेश दिए। शुरुआती जांच में ड्यूटी स्टाफ की गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई।
सूत्रों के मुताबिक, विस्तृत जांच रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। रिपोर्ट के आधार पर आने वाले दिनों में अस्पताल के अन्य जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।