Summer express, चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा में हाल ही में गोहाना की जलेबी से शुरू होकर ‘गोबर’ तक पहुंची बहस अब राजनीतिक विवाद का रूप लेती जा रही है। इस मुद्दे को लेकर हरियाणवी सिंगर रॉकी मित्तल और इनेलो विधायक अर्जुन चौटाला ने सरकार और सत्तारूढ़ भाजपा पर तीखे सवाल उठाए हैं। ‘चाय पर चर्चा’ कार्यक्रम के दौरान दोनों ने विधानसभा की कार्यवाही और नेताओं की भाषा शैली को लेकर नाराजगी जताई।
रॉकी मित्तल ने कहा कि हरियाणा विधानसभा अब गंभीर मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय मनोरंजन का मंच बनती जा रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सदन की कार्यवाही किसी कॉमेडी शो जैसी दिखाई देने लगी है, जहां जनता से जुड़े मुद्दों की जगह व्यक्तिगत टिप्पणियां और अभद्र बयानबाजी हावी है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में युवाओं की शिक्षा, रोजगार, प्रदूषण, शुद्ध पेयजल और अवैध कब्जों जैसे महत्वपूर्ण विषयों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
रॉकी मित्तल ने भाजपा नेताओं पर समाज को जातिगत आधार पर बांटने का आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ नेताओं को जानबूझकर विवादित बयान देने की खुली छूट दी जा रही है ताकि जनता का ध्यान असली मुद्दों से हटाया जा सके। उन्होंने सफीदों से भाजपा विधायक रामकुमार गौतम और राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा का नाम लेते हुए उन पर भी निशाना साधा।
इनेलो विधायक अर्जुन चौटाला ने भी भाजपा सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकार खुद ऐसे विवादों को जन्म देती है और फिर उन्हें बढ़ावा भी देती है। चौटाला ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर सरकार से रोजगार और आर्थिक स्थिति को लेकर सवाल उठाने वाले युवाओं के पेज बंद किए जा रहे हैं, जबकि समाज में विभाजन पैदा करने वाले लोगों को राजनीतिक संरक्षण दिया जा रहा है।
अर्जुन चौटाला ने विधानसभा में हुई बहस के दौरान मौजूद स्कूली बच्चों का जिक्र करते हुए चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जिस समय मंत्री और विधायक आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल कर रहे थे, उस दौरान गैलरी में बच्चे बैठे थे। ऐसे माहौल का बच्चों और युवाओं पर गलत प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि जनप्रतिनिधि इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करेंगे तो आने वाली पीढ़ी क्या सीखेगी।
गौरतलब है कि विधानसभा सत्र के दौरान जेल एवं पर्यटन मंत्री अरविंद शर्मा और भाजपा विधायक रामकुमार गौतम के बीच गोहाना की जलेबी की गुणवत्ता को लेकर बहस शुरू हुई थी। बाद में यह विवाद व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गया और दोनों नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिली। अब इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष और विभिन्न सामाजिक हस्तियां सरकार को घेर रही हैं।