मुंबई | अगर आप सोने में निवेश कर चुके हैं और बीते कुछ हफ्तों में आई गिरावट से परेशान हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। ICICI बैंक ग्लोबल मार्केट्स की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 2025 की दूसरी छमाही में गोल्ड की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिल सकती है। अनुमान है कि साल के आखिर तक सोना ₹1,00,000 प्रति 10 ग्राम से ऊपर पहुंच सकता है।
फिलहाल कीमतें स्थिर, लेकिन जल्द दिख सकती है तेजी
वर्तमान में भारतीय बाजार में सोना ₹96,500 से ₹98,500 प्रति 10 ग्राम के बीच ट्रेड कर रहा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि फिलहाल बाजार एक कंसॉलिडेशन फेज में है, जिसके बाद सोने की कीमतें तेजी से ऊपर जा सकती हैं।
हालिया गिरावट की वजह भू-राजनीतिक तनावों में आई नरमी को माना जा रहा है। ईरान-इजरायल के बीच सीजफायर और अमेरिका-चीन के बीच व्यापारिक सहमति से वैश्विक बाजार में स्थिरता लौटी है।
अप्रैल में छुआ था ऐतिहासिक स्तर
इस साल अप्रैल में सोने ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर $3,500 प्रति औंस का रिकॉर्ड बनाया था। भारत में भी उस समय 10 ग्राम सोने की कीमत ₹1 लाख के पार पहुंच गई थी। हालांकि बाद में कुछ गिरावट जरूर आई, लेकिन अब तक साल 2025 में गोल्ड करीब 28% रिटर्न दे चुका है।
क्या करें निवेशक? एक्सपर्ट्स की सलाह
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट को देखकर घबराने की जरूरत नहीं है। गोल्ड ईटीएफ या म्यूचुअल फंड से बाहर निकलने की बजाय लंबी अवधि के नजरिए से निवेश को बरकरार रखना समझदारी होगी।
एक्सपर्ट्स सुझाव देते हैं कि पोर्टफोलियो का कम से कम 10-15% हिस्सा बुलियन (सोना और चांदी) में जरूर होना चाहिए, ताकि जोखिम के समय संतुलन बना रहे।
डायवर्सिफिकेशन के लिए बेहतरीन विकल्प
बुलियन, खासकर गोल्ड, ऐसे एसेट्स में आता है जो शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान पोर्टफोलियो को स्थिरता देने का काम करता है। इसलिए वर्तमान स्थिति में सोने में निवेश को बनाए रखना, एक दूरदर्शी निवेश निर्णय हो सकता है।