Summer express, चंडीगढ़। हरियाणा के मौलिक शिक्षा निदेशालय ने ऑनलाइन प्रॉपर्टी रिटर्न दाखिल करने को लेकर सख्त रुख अपनाया है। निदेशालय ने प्रदेश के सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को दूसरा रिमाइंडर जारी करते हुए निर्देश दिए हैं कि अधीनस्थ कर्मचारियों से निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रॉपर्टी रिटर्न भरवाना सुनिश्चित किया जाए।
जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि जिन कर्मचारियों द्वारा अनिवार्य प्रॉपर्टी रिटर्न दाखिल नहीं किया जाएगा और इसके परिणामस्वरूप उनका वेतन रुकता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित कर्मचारी की होगी। विभाग ने इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
निदेशालय ने अपने आदेश में बताया कि इस संबंध में पहले भी 18 मार्च 2019, 13 मई 2026 और 18 मई 2026 को निर्देश जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद कई कर्मचारियों द्वारा अब तक संपत्ति विवरण ऑनलाइन जमा नहीं किया गया है। इसी स्थिति को देखते हुए विभाग ने दोबारा कड़े निर्देश जारी किए हैं।
आदेश के अनुसार श्रेणी-1, श्रेणी-2 और श्रेणी-3 के सभी सरकारी कर्मचारियों को वित्त वर्ष 2025-26 का प्रॉपर्टी रिटर्न अनिवार्य रूप से दाखिल करना होगा। इसके अलावा जिन कर्मचारियों के पिछले वर्षों के प्रॉपर्टी रिटर्न लंबित हैं, उन्हें भी तुरंत पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
विभाग ने कहा है कि सभी कर्मचारी निर्धारित पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करें। यह व्यवस्था कर्मचारियों के सेवा रिकॉर्ड, संपत्ति विवरण और प्रशासनिक पारदर्शिता को अद्यतन रखने के उद्देश्य से लागू की गई है।
शिक्षा विभाग के इस कदम को सरकारी कर्मचारियों के संपत्ति रिकॉर्ड को नियमित रूप से अपडेट करने और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।