Summer express, मताना । राजस्थान के डूंगरगढ़ में हुए भीषण सड़क हादसे ने हरियाणा के मताना गांव के एक परिवार को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया। हादसे में घायल सेवानिवृत्त वरिष्ठ लेखाकार ओमप्रकाश की दोहती तनवी ने भी सोमवार देर रात इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसके साथ ही इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या सात हो गई।
जानकारी के अनुसार, बीकानेर के अस्पताल में उपचाराधीन तनवी की हालत लगातार गंभीर बनी हुई थी। चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। मंगलवार सुबह गांव मताना में ओमप्रकाश और उनके परिवार के सदस्यों का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। पूरे गांव की आंखें उस समय नम हो गईं जब दादा-दादी और पोते को एक साथ अंतिम विदाई दी गई।
हादसे में अपने माता-पिता और बेटे को खो चुके सुरेंद्र पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अंतिम संस्कार के दौरान वह कई बार बेसुध हो गया। ग्रामीणों और परिजनों ने उसे संभाला और अंतिम संस्कार की रस्में पूरी करवाईं। इस दौरान पूर्व विधायक दुड़ाराम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण अंतिम यात्रा में शामिल हुए और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
गौरतलब है कि डूंगरगढ़ में हुए इस भीषण सड़क हादसे में मताना गांव निवासी ओमप्रकाश, उनकी पत्नी, बेटी, पोता और तीन दोहतियों की मौत हो गई। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि वाहन में फंसे शवों को बाहर निकालने के लिए पुलिस को कटर की मदद लेनी पड़ी। उल्लेखनीय है कि ओमप्रकाश करीब 15 दिन पहले ही डीडीपीओ कार्यालय से वरिष्ठ लेखाकार पद से सेवानिवृत्त हुए थे। इस हृदयविदारक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।