Summer express, चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने नागरिकों को समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए गृह विभाग की 33 सेवाओं को हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम (राइट टू सर्विस), 2014 के तहत शामिल कर लिया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद विभिन्न लाइसेंस, सत्यापन, अनुमति और अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) से जुड़ी सेवाओं के लिए निश्चित समय-सीमा निर्धारित कर दी गई है।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अब संबंधित अधिकारियों को तय समय के भीतर सेवाएं उपलब्ध करानी होंगी। यदि निर्धारित अवधि में सेवा नहीं दी जाती है तो नागरिकों को शिकायत और अपील का अधिकार भी प्राप्त होगा।
नई व्यवस्था के तहत हथियार लाइसेंस के नवीनीकरण की प्रक्रिया, यदि लाइसेंस की अवधि समाप्त नहीं हुई है और आवेदन उसी जिले में किया गया है, तो 15 दिनों के भीतर पूरी करनी होगी। वहीं जिन मामलों में पुलिस सत्यापन आवश्यक होगा, उन्हें 22 दिनों के भीतर निपटाया जाएगा।
सरकार ने हथियार लाइसेंस में हथियार जोड़ने या हटाने, हथियार खरीदने की समयावधि बढ़ाने, धरना-प्रदर्शन, जुलूस, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अन्य सार्वजनिक आयोजनों की अनुमति जैसी सेवाओं के लिए सात दिन की समय-सीमा निर्धारित की है।
विदेशी नागरिकों के आगमन और प्रस्थान के पंजीकरण की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से पूरी की जाएगी। साथ ही एफआईआर और डीडीआर की प्रतियां भी तुरंत अथवा ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएंगी।
लाउडस्पीकर उपयोग की अनुमति, मेलों, प्रदर्शनियों और खेल आयोजनों के लिए एनओसी, अजनबी सत्यापन, विदेशी नागरिकों के आवासीय परमिट का विस्तार तथा पुराने वाहनों से संबंधित एनओसी जैसी सेवाओं के लिए पांच दिन का समय निर्धारित किया गया है।
घरेलू सहायकों, किरायेदारों, कर्मचारियों और चरित्र सत्यापन से जुड़े मामलों, पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट तथा खोई हुई संपत्ति के निस्तारण जैसी सेवाओं का निपटारा 21 दिनों के भीतर किया जाएगा। वहीं पेट्रोल पंप और सिनेमा हॉल स्थापित करने के लिए आवश्यक एनओसी 15 दिनों में जारी की जाएगी।
सिनेमा लाइसेंस जारी करने के लिए 30 दिन और उसके नवीनीकरण के लिए 25 दिन की समय-सीमा तय की गई है। इसके अलावा पेट्रोलियम एवं विस्फोटक नियमों से संबंधित विभिन्न एनओसी, आतिशबाजी भंडारण और बिक्री अनुमति तथा लाइसेंस नवीनीकरण जैसी सेवाओं को भी 30 दिनों के भीतर पूरा करना होगा।
ऑनलाइन शिकायतों के निपटारे और निजी सुरक्षा एजेंसियों के सत्यापन के लिए अधिकतम 60 दिन की समय-सीमा निर्धारित की गई है।
सरकार ने प्रत्येक सेवा के लिए नामित अधिकारी और शिकायत निवारण अधिकारी भी नियुक्त किए हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से सरकारी सेवाओं में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ेगी, जबकि आम नागरिकों को समयबद्ध तरीके से सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।