नई दिल्ली | दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में हाईवे और एक्सप्रेसवे पर बाइक और ऑटो के अवैध प्रवेश से बढ़ते सड़क हादसों को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने चिंता जताई है। उन्होंने दिल्ली पुलिस और संबंधित एजेंसियों को नियमों का कड़ाई से पालन कराने और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
हाईवे पर दोपहिया-तिपहिया वाहनों का प्रवेश बना सुरक्षा के लिए खतरा
गडकरी ने कहा कि जिन हाईवे और एक्सप्रेसवे पर पहले से टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर वाहनों की एंट्री पर प्रतिबंध है, वहां नियमों का पालन नहीं हो रहा है, जिससे दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब निगरानी और चालान की प्रक्रिया को और सख्त करना होगा।
उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया फैसला
यह निर्देश एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान दिए गए, जिसमें दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना, दिल्ली की मेयर रेखा गुप्ता, एनएचएआई और सड़क परिवहन मंत्रालय के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में यह बात सामने आई कि कई प्रमुख एक्सप्रेसवे पर प्रतिबंध के बावजूद दोपहिया और तिपहिया वाहन धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं।
किन मार्गों पर पहले से लगा है प्रतिबंध?
- बदरपुर एलिवेटेड हाईवे: 16 फरवरी 2024 से टू और थ्री-व्हीलर्स पर प्रतिबंध
- दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे: जनवरी 2021 से प्रवेश वर्जित
- दिल्ली-गुड़गांव और द्वारका एक्सप्रेसवे: जनवरी 2024 से बैन लागू
गडकरी ने दोहराया कि इन हाईवे पर तेज गति वाले वाहनों के बीच बाइक और ऑटो की मौजूदगी, सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन रही है। उन्होंने चालान, CCTV निगरानी और कड़ी निगरानी व्यवस्था लागू करने पर ज़ोर दिया।
अवैध विज्ञापन भी बनते हैं हादसों का कारण
गडकरी ने सड़क किनारे लगे अवैध होर्डिंग्स और विज्ञापन को भी दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने MCD को निर्देश दिया कि ऐसे होर्डिंग्स को तुरंत हटाया जाए ताकि ड्राइवरों का ध्यान न भटके और सड़क हादसों में कमी लाई जा सके।