Summer express, धर्मवीर, मंडी | मंडी में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में बाल सुरक्षा और बाल अधिकार संरक्षण से जुड़े विभिन्न अधिनियमों और उनमें हुए बदलावों की विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यशाला के दौरान किशोर न्याय अधिनियम-2015, पॉक्सो एक्ट-2012, बाल विवाह निषेध अधिनियम-2006, बाल श्रम अधिनियम-1986, हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम-1956 और बाल तस्करी जैसे गंभीर विषयों पर चर्चा की गई। साथ ही बच्चों से जुड़े संवेदनशील मामलों में पुलिस की जिम्मेदारी और भूमिका को लेकर भी पुलिस कर्मियों को जागरूक किया गया।

इस अवसर पर एलएडीसी मुकेश सैनी और जिला बाल संरक्षण अधिकारी एनआर ठाकुर ने पुलिस अधिकारियों को पॉक्सो एक्ट, बाल विवाह, बाल श्रम और बाल तस्करी से संबंधित कानूनों एवं हालिया बदलावों की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यशाला में जिला भर से करीब 40 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों को बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानूनों और संवेदनशील मामलों को बेहतर तरीके से संभालने के बारे में प्रशिक्षित किया गया।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी एनआर ठाकुर ने कहा कि विभाग का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध करवाना है, ताकि हर बच्चा खुद को सुरक्षित महसूस कर सके। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अन्य विभागों के लिए भी इस तरह की कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।