Summer express,सियोल। मुहर्रम के अवसर पर जहां भारतीय शेयर बाजार बंद रहे, वहीं दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में भारी बिकवाली का दबाव देखने को मिला। तेज गिरावट के चलते दक्षिण कोरिया के प्रमुख शेयर सूचकांक कोस्पी (KOSPI) में 8 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद एक्सचेंज को सर्किट ब्रेकर लागू करते हुए करीब 20 मिनट के लिए कारोबार रोकना पड़ा। इस सप्ताह यह दूसरा अवसर है जब दक्षिण कोरियाई बाजार में सर्किट ब्रेकर सक्रिय करना पड़ा है।
विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी टेक्नोलॉजी शेयरों में आई कमजोरी के बाद वैश्विक निवेशकों की बिकवाली का असर दक्षिण कोरिया के बाजार पर भी दिखाई दिया। लगातार दबाव के कारण कोस्पी इंडेक्स तीन महीनों की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट की ओर बढ़ता नजर आ रहा है।
चिप कंपनियों के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट
दक्षिण कोरिया के बाजार में सबसे अधिक दबाव सेमीकंडक्टर और टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों पर देखा गया। देश की दिग्गज कंपनी सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों में 8.02 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि प्रमुख चिप निर्माता एसके हाइनिक्स के शेयर 8.94 प्रतिशत तक लुढ़क गए।
इसके अलावा, बैटरी निर्माता एलजी एनर्जी सॉल्यूशन के शेयरों में 5.11 प्रतिशत की गिरावट आई। ऑटोमोबाइल क्षेत्र की कंपनियों में हुंडई मोटर के शेयर 4.77 प्रतिशत और किया कॉर्प के शेयर 4.30 प्रतिशत तक गिर गए। वहीं, पोस्को होल्डिंग्स में 5.73 प्रतिशत और सैमसंग बायोलॉजिक्स के शेयरों में 3.10 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई।
अमेरिकी बाजार की गिरावट का दिखा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण कोरियाई बाजार में गिरावट की प्रमुख वजह अमेरिकी शेयर बाजार में टेक कंपनियों के शेयरों में आई कमजोरी रही। गुरुवार को अमेरिकी बाजार में ऐपल के शेयरों में 6.15 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन के शेयरों में भी 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिली। दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल एनवीडिया के शेयर भी 1.59 प्रतिशत फिसल गए।
हालांकि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़ी मांग में तेजी के कारण अमेरिकी चिप निर्माता माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयरों में 15.81 प्रतिशत की मजबूत बढ़त दर्ज की गई।