Summer express, तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच जारी शांति वार्ताओं और 60 दिनों के अंतरिम युद्धविराम के बीच खाड़ी क्षेत्र में एक बार फिर तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। ओमान द्वारा तेल टैंकरों की आवाजाही के लिए एक वैकल्पिक समुद्री मार्ग शुरू करने की घोषणा के बाद क्षेत्रीय विवाद गहरा गया है। ईरान ने इस नए समुद्री मार्ग पर कड़ी आपत्ति जताई थी, लेकिन इसके बावजूद कई जहाजों ने इस रास्ते का उपयोग शुरू कर दिया है।
इसी बीच, इस वैकल्पिक समुद्री मार्ग से गुजर रहे एक जहाज पर कथित मिसाइल हमला होने की खबर सामने आई। हालांकि, ब्रिटेन के समुद्री व्यापार संचालन केंद्र ने स्पष्ट किया है कि इस घटना में किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
ओमान ने शुरू किया टोल-फ्री समुद्री कॉरिडोर
ओमान ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) के सहयोग से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए एक अस्थायी समुद्री कॉरिडोर स्थापित किया है। इस व्यवस्था की विशेषता यह है कि इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों से किसी भी प्रकार का ट्रांजिट शुल्क या टोल नहीं लिया जाएगा। दूसरी ओर, ईरान लंबे समय से होर्मुज जलसंधि से गुजरने वाले जहाजों को सुरक्षा उपलब्ध कराने के एवज में शुल्क वसूली की वकालत करता रहा है।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने ओमान के इस कदम को अवैध करार देते हुए कहा है कि होर्मुज क्षेत्र में केवल वही समुद्री मार्ग मान्य होंगे, जिन्हें तेहरान द्वारा स्वीकृति प्राप्त है। आईआरजीसी ने चेतावनी दी है कि निर्धारित मार्गों से बाहर संचालित होने वाले जहाजों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
टोल वसूली के मुद्दे पर अमेरिका का सख्त रुख
अमेरिका ने ईरान द्वारा संभावित टोल वसूली के किसी भी प्रस्ताव को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यदि भविष्य में किसी समझौते में होर्मुज जलसंधि से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने का प्रावधान शामिल किया जाता है, तो अमेरिका उसे स्वीकार नहीं करेगा और यह किसी भी समझौते के लिए निर्णायक मुद्दा साबित हो सकता है।
बहरीन में आयोजित खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) की बैठक में शामिल अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भी चेतावनी दी कि यदि ईरान इस क्षेत्र में टोल व्यवस्था लागू करता है, तो इसका असर विश्व के अन्य रणनीतिक समुद्री मार्गों पर भी पड़ सकता है।
इस बीच, राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के मिनाब स्थित एक स्कूल पर हुए मिसाइल हमले में अमेरिका की किसी भी भूमिका से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि घटना में कई मिसाइलें दागी गई थीं और यह स्पष्ट नहीं है कि हमले के पीछे कौन जिम्मेदार था।
अमेरिकी सीनेट में ट्रंप को मिली राजनीतिक राहत
अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच राष्ट्रपति ट्रंप को घरेलू राजनीति में एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। उनकी सैन्य शक्तियों को सीमित करने के उद्देश्य से लाया गया प्रस्ताव अमेरिकी सीनेट में खारिज हो गया। मतदान से पहले ट्रंप ने रिपब्लिकन सांसदों के साथ बैठक कर अपनी नाराजगी भी जताई थी। इस घटनाक्रम को ईरान के साथ चल रही वार्ताओं में ट्रंप प्रशासन की राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने वाला माना जा रहा है।
वहीं, ट्रंप ने ईरान के मुद्दे पर नाटो देशों के कथित असहयोगात्मक रवैये पर भी निराशा व्यक्त की। उन्होंने नाटो महासचिव मार्क रुटे के समक्ष स्पेन, इटली, ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस जैसे देशों के रुख पर सवाल उठाए। साथ ही, अमेरिका की सैन्य क्षमता का उल्लेख करते हुए उन्होंने दावा किया कि अमेरिका चाहे तो किसी भी बड़े सैन्य अभियान को बेहद कम समय में अंजाम देने में सक्षम है।