जालंधर | जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते नहरों और नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे डूबने जैसी घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। इसी को देखते हुए जालंधर के जिला मजिस्ट्रेट डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने नहरों और नदियों में नहाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं। यह प्रतिबंध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत लगाया गया है और 3 सितंबर 2025 तक प्रभावी रहेगा।
आदेशों में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि नहरों और नदियों में नहाना जानलेवा साबित हो सकता है और इससे गंभीर हादसे हो सकते हैं। ऐसे में इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। जिला प्रशासन ने गांवों के सरपंचों, नंबरदारों और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्र में लोगों को जागरूक करें और आदेशों की पालना कराएं।
इसके अलावा नहरी और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को भी सतर्क रहने और नहरों-नदियों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी व्यक्ति द्वारा इन आदेशों का उल्लंघन न हो सके।
यदि कोई व्यक्ति इस प्रतिबंध का उल्लंघन करता पाया गया, तो पुलिस को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे सुरक्षा के दृष्टिकोण से इन जल स्रोतों से दूर रहें और बच्चों को भी इन स्थानों के पास न जाने दें।
यह प्रतिबंध पूरी तरह एहतियाती कदम के तहत लगाया गया है, ताकि संभावित हादसों को रोका जा सके और लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।