मोनिका रावत , पंचकूला। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) के तत्कालीन वरिष्ठ लेखा अधिकारी परवीन कुमार को सरकारी धन के कथित गबन के मामले में वीरवार को गिरफ्तार किया था। शुक्रवार सुबह उन्हें पंचकूला सीबीआई स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने प्रवीन कुमार को तीन दिन के रिमांड पर भेजा है।
सीबीआई के अनुसार, जांच में सामने आया है कि परवीन कुमार ने विभाग की मंजूरी और आधिकारिक रिकॉर्ड के बिना गुप्त रूप से बैंक खाता खुलवाया था। आरोप है कि बाद में इसी खाते का इस्तेमाल सरकारी धन के गबन के लिए किया गया। जांच एजेंसी का दावा है कि चेक और डेबिट नोट्स के जरिए सरकारी राशि निकालकर आरोपी के नियंत्रण वाली शेल कंपनियों में ट्रांसफर की गई।
सीबीआई ने बताया कि खाते के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता परवीन कुमार थे, लेकिन उसमें एक ऐसे अन्य आरोपी का मोबाइल नंबर दर्ज कराया गया था, जो विभाग का कर्मचारी ही नहीं था। एजेंसी के मुताबिक ऐसा कथित तौर पर फर्जी लेन-देन को छिपाने के उद्देश्य से किया गया।
जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर CBI ने 2 जुलाई 2026 को परवीन कुमार को गिरफ्तार किया। इससे पहले इसी मामले में HSPCB के दो अन्य अधिकारियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
सीबीआई के अनुसार, HSPCB से जुड़ा यह मामला सेक्टर-32 स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक शाखा में सामने आए बड़े वित्तीय घोटाले का हिस्सा है। एजेंसी का आरोप है कि हरियाणा सरकार के आठ विभागों के लगभग 504 करोड़ रुपये फर्जी या अस्तित्वहीन फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और डेबिट नोट्स के माध्यम से शेल कंपनियों में स्थानांतरित किए गए।
जांच एजेंसी ने बताया कि इस मामले में अब तक 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। इनमें आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक के छह बैंक अधिकारी, हरियाणा सरकार के तीन अधिकारी, दो कंपनियां और छह निजी व्यक्ति शामिल हैं। वहीं अब तक 25 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।