वॉशिंगटन | इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया है। यह नामांकन पत्र नेतन्याहू ने सोमवार रात वॉशिंगटन में एक औपचारिक डिनर के दौरान ट्रंप को सौंपा। उन्होंने ट्रंप की वैश्विक स्तर पर शांति की दिशा में उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए कहा कि वे इस सम्मान के पूरी तरह हकदार हैं।
नेतन्याहू की सराहना:
नेतन्याहू ने ट्रंप की तारीफ करते हुए कहा, “आप एक देश से दूसरे देश में शांति स्थापित कर रहे हैं। यह नामांकन पत्र मैंने नोबेल समिति को भेजा है—आप इसे पाने योग्य हैं।”
उन्होंने ट्रंप की विदेश नीति की भी प्रशंसा की और कहा कि वैश्विक स्तर पर उनकी भूमिका को गंभीरता से सराहा जा रहा है।
ट्रंप की प्रतिक्रिया:
इस पर ट्रंप ने कहा, “बहुत-बहुत धन्यवाद, यह मेरे लिए काफी अहमियत रखता है। मैं आभारी हूँ।”
ट्रंप की प्रमुख कूटनीतिक पहलें
गाजा में संघर्षविराम:
ट्रंप ने हाल ही में इजराइल और हमास के बीच संघर्ष को रोकने के लिए 60 दिनों के सीज़फायर प्रस्ताव का ड्राफ्ट तैयार कराया, जिसकी मध्यस्थता कतर में हो रही है।
ईरान से परमाणु समझौता वार्ता:
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान अब बातचीत के लिए तैयार है। उनके अनुसार अमेरिकी हमलों के बाद हालात कुछ शांत हुए हैं और “संभवत: एक सप्ताह में बातचीत शुरू हो सकती है।”
रूस-यूक्रेन युद्ध पर नजरिया:
रूस-यूक्रेन युद्ध को ट्रंप ने “भयानक” करार दिया और कहा कि वे चाहते हैं कि यह जल्द खत्म हो क्योंकि “बेगुनाहों की मौत देखना बेहद दुखद है।”
आगे क्या?
यह नेतन्याहू की तीसरी आधिकारिक वॉशिंगटन यात्रा है, जहां उन्होंने गाजा में संघर्षविराम पर ट्रंप से लंबी बातचीत की।
वहीं ट्रंप प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि वे ईरान से शांतिपूर्ण बातचीत शुरू करने को इच्छुक हैं, हालांकि ईरान ने तत्काल वार्ता की संभावना से इनकार किया है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और मध्य पूर्व में तनावपूर्ण स्थितियों के बीच शांति वार्ता की पहलें तेज होती दिख रही हैं।