नई दिल्ली। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 26 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की है।
एजेंसी ने इस मामले में चार अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। जांच के दायरे में लेफ्टिनेंट कर्नल, मेजर और इंजीनियर रैंक के अधिकारियों सहित कुल 10 अधिकारियों के अलावा कुछ निजी व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया है। सीबीआई के अनुसार मामला लद्दाख में बीआरओ के प्रोजेक्ट विजयक और प्रोजेक्ट योजक से जुड़ा है। आरोप है कि यहां कैजुअल मजदूरों की तैनाती और भुगतान में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं। कई मामलों में फर्जी मजदूरों के नाम पर सरकारी धन का भुगतान किया गया, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा। यह कार्रवाई रक्षा मंत्रालय की ओर से दर्ज कराई गई शिकायतों के आधार पर की गई है।
शिकायतें बीआरओ के तकनीकी बोर्ड ऑफ ऑफिसर्स द्वारा की गई आंतरिक जांच के बाद सामने आई थीं। प्रारंभिक जांच में वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिलने पर मामला सीबीआई को सौंपा गया, जिसके बाद एजेंसी ने चार आपराधिक मामले दर्ज कर जांच शुरू की। छापेमारी जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, असम, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में की गई।
तलाशी के दौरान कई अहम दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद किए गए हैं, जिनकी फोरेंसिक जांच कराई जा रही है।