Summer express, सिरसा | हरियाणा के सिरसा जिले के वैदवाला गांव में खेतों से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइनों के टावरों के मुआवजे को लेकर किसानों का विरोध प्रदर्शन बुधवार को तेज हो गया। अपनी मांगों को लेकर किसानों ने अनोखे अंदाज में प्रदर्शन करते हुए हाईटेंशन टावरों पर चढ़कर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। घटना के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
प्रदर्शन की शुरुआत किसान नेता भूपेंद्र सिंह के हाईटेंशन टावर पर चढ़ने से हुई। इसके बाद एक दिव्यांग युवक भी टावर पर पहुंच गया। देखते ही देखते कई अन्य किसान नेता भी टावर पर चढ़ गए और सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। किसानों के इस कदम से मौके पर तनावपूर्ण माहौल बन गया।
किसानों का आरोप है कि उनके खेतों से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइनों और लगाए गए टावरों के बदले उन्हें निर्धारित मानकों के अनुरूप मुआवजा नहीं दिया जा रहा। उनका कहना है कि प्रदेश के अन्य जिलों, विशेष रूप से सोनीपत में किसानों को अधिक मुआवजा दिया गया है, जबकि सिरसा के किसानों के साथ भेदभाव किया जा रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। डीएसपी पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे किसानों को समझाने का प्रयास किया। वहीं बिजली निगम की तकनीकी टीम और कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे, लेकिन किसानों ने विरोध जताते हुए उन्हें टावर पर चढ़ने से रोकने की बात कही।
ग्रामीणों के अनुसार, वैदवाला गांव की कृषि भूमि से होकर गुजरने वाली हाईटेंशन लाइन के लिए कई स्थानों पर बिजली के टावर लगाए गए हैं। सरकार की ओर से इन टावरों के लिए मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू की गई है, लेकिन किसानों का कहना है कि उन्हें मिलने वाली राशि बाजार दर और निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है।
किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मुआवजा संबंधी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि किसानों से बातचीत कर मामले का समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि स्थिति सामान्य बनी रहे।