Summer express, नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। बुधवार रात से शुरू हुई बारिश का दौर गुरुवार सुबह तक जारी रहा, जिससे कई इलाकों में जलभराव, यातायात बाधित होने और पेड़ गिरने जैसी घटनाएं सामने आईं। स्थिति को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूरे दिन के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटों में सफदरजंग मौसम केंद्र पर 72.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा लोधी रोड में 80.2 मिमी, रिज क्षेत्र में 77.8 मिमी, पालम में 63 मिमी और अयानगर में 57.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। न्यूनतम तापमान 24.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.6 डिग्री कम रहा।
आईएमडी ने चेतावनी दी है कि दिनभर गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ मध्यम से भारी बारिश जारी रह सकती है। मौसम विभाग ने नागरिकों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है।
लगातार बारिश के कारण राजधानी के कई हिस्सों में सड़कें जलमग्न हो गईं। सदर बाजार, ग्रेटर कैलाश, बदरपुर, नासिरपुर, तेलीवाड़ा, महावीर बाजार, स्वरूप नगर, कुशक रोड, मुनिरका, द्वारका, विकास मार्ग, पूर्वी दिल्ली और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन सहित कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी रही। कई स्थानों पर सड़कें नदी जैसी दिखाई दीं, जिससे लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
भारी बारिश के बीच सबसे दुखद घटना रोहिणी क्षेत्र में हुई, जहां निर्माणाधीन चार मंजिला इमारत ढहने से तीन लोगों की मौत हो गई। प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर मामले की जांच भी शुरू कर दी है।
बारिश का असर राजधानी की यातायात व्यवस्था पर भी साफ दिखाई दिया। रिंग रोड, आउटर रिंग रोड, दिल्ली-नोएडा एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर धौला कुआं, महिपालपुर तथा रजोकरी के आसपास जलभराव और कम दृश्यता के कारण लंबा जाम लग गया। सुबह के व्यस्त समय में हजारों वाहन धीमी गति से रेंगते नजर आए।
तेज बारिश के चलते कई स्थानों पर पेड़ भी उखड़ गए। ईस्ट ऑफ कैलाश में इस्कॉन मंदिर और नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट के बाहर दो पेड़ गिरने से कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा। हालांकि इन घटनाओं में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
नगर निगम और अन्य नागरिक एजेंसियों को जलभराव, गिरे हुए पेड़ों और बिजली आपूर्ति बाधित होने की कई शिकायतें मिलीं। इसके बाद प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं सफाई कार्य के लिए आपातकालीन टीमें तैनात की गईं ताकि हालात जल्द सामान्य किए जा सकें।
भारी बारिश का असर दिल्ली से सटे गुरुग्राम में भी देखने को मिला। नरसिंहपुर, बसई, उमंग भारद्वाज चौक, कादीपुर, सेक्टर-10ए, सोहना रोड और दिल्ली-जयपुर हाईवे पर जलभराव के कारण लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
मौसम विभाग के अनुसार, मानसूनी ट्रफ के हिमालय की तलहटी की ओर खिसकने के कारण पिछले दो दिनों से दिल्ली-एनसीआर में तेज बारिश हो रही है। विभाग का अनुमान है कि जब तक यह मौसम प्रणाली उत्तर की ओर पूरी तरह नहीं बढ़ती, तब तक राजधानी में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। वहीं लगातार वर्षा के बावजूद दिल्ली की वायु गुणवत्ता संतोषजनक बनी हुई है और गुरुवार सुबह एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 61 दर्ज किया गया।