चंडीगढ़।चंडीगढ़, मोहाली और पंजाब के कई हिस्सों में शुक्रवार रात और शनिवार सुबह हुई तेज बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। चंडीगढ़ में घग्गर नदी के तेज बहाव में दो दोस्त बह गए, जिनकी तलाश के लिए बचाव अभियान जारी है।
वहीं मोहाली में घग्गर नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे कटाव तेज हो गया है, जिससे एक हाई-वोल्टेज बिजली टावर के लिए भी खतरा पैदा हो गया है। यदि कटाव और बढ़ा तो आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। बारिश के कारण चंडीगढ़, मोहाली, खरड़, डेराबस्सी और आसपास के इलाकों में कई सड़कें जलमग्न हो गईं। निचले क्षेत्रों में पानी भरने से लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने के लिए नगर निगम, सिंचाई विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमों को तैनात किया है।
घग्गर नदी के किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और नदी के पास नहीं जाने की अपील की गई है। मोहाली में घग्गर नदी के तेज बहाव से नदी किनारे लगातार कटाव हो रहा है। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर सुरक्षा उपाय शुरू कर दिए हैं। बिजली विभाग भी हाई-वोल्टेज टावर की स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार पंजाब के 15 जिलों में भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है।
चंडीगढ़, मोहाली, रूपनगर, होशियारपुर, गुरदासपुर, पठानकोट, नवांशहर, जालंधर, कपूरथला और आसपास के क्षेत्रों में अगले 24 घंटे के दौरान मध्यम से भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। स्काईमेट वेदर ने भी पंजाब व चंडीगढ़ में रुक-रुक कर तेज बारिश का अनुमान जताया है।
राहत और बचाव अभियान जारी
प्रशासन ने बताया कि घग्गर नदी में बहे दोनों युवकों की तलाश के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, स्थानीय गोताखोरों और पुलिस की संयुक्त टीमें अभियान चला रही हैं। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल और राहत दल तैनात किए गए हैं। साथ ही जिला प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
अगले 48 घंटे भी सतर्कता जरूरी
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार मानसून अभी सक्रिय बना रहेगा और पंजाब, चंडीगढ़ तथा आसपास के क्षेत्रों में अगले एक-दो दिन तक रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। प्रशासन ने नदी-नालों के किनारे नहीं जाने, जलभराव वाले मार्गों से बचने तथा मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी है। यदि वर्षा की तीव्रता बढ़ती है तो प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त एहतियाती कदम उठाए जाएंगे।