एजेंसी | लंदन
ब्रिटेन सरकार ने अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों से जुड़े वीजा नियमों में अहम बदलावों की घोषणा की है। नए प्रावधानों के तहत स्नातक वीजा की अवधि कम करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इसके साथ ही पढ़ाई के दौरान ब्रिटेन में रह रहे विवाहित विद्यार्थियों के यहां जन्म लेने वाले बच्चों को कानूनी दर्जा देने का प्रावधान भी किया गया है।
इन बदलावों का सबसे अधिक असर भारत, विशेषकर पंजाब से उच्च शिक्षा के लिए ब्रिटेन जाने वाले विद्यार्थियों पर पड़ने की संभावना है। नए नियम 3 अगस्त से चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाएंगे। इनका उद्देश्य आव्रजन व्यवस्था को पारदर्शी बनाना है। संशोधनों के तहत स्नातक वीजा की अवधि मौजूदा व्यवस्था की तुलना में कम की जाएगी, जिससे पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी की तलाश के लिए मिलने वाला समय घट सकता है
विद्यार्थियों में बढ़ी चिंता
पंजाब के शिक्षा एवं वीजा विशेषज्ञों का कहना है कि स्नातक वीजा की अवधि कम होने से विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई के बाद रोजगार हासिल करने का समय सीमित हो सकता है। वहीं परिवार के साथ रह रहे विद्यार्थियों के लिए बच्चों को कानूनी दर्जा मिलने का निर्णय सकारात्मक माना जा रहा है। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को नए नियमों के अनुसार ही प्रवेश और वीजा की योजना बनाने की सलाह दी है।
आधिकारिक दिशा-निर्देश का इंतजार
आव्रजन सलाहकारों का कहना है कि सभी बदलावों की वास्तविक तस्वीर ब्रिटेन सरकार की विस्तृत अधिसूचना और कार्यान्वयन संबंधी दिशा-निर्देश जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। विद्यार्थियों से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही अपने वीजा और शिक्षा संबंधी निर्णय लें तथा किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें।