गुरमीत सिंह | डेराबस्सी
कल हुई भारी बारिश के बाद क्षेत्र से बहने वाली घग्गर नदी में पानी का स्तर अचानक तेज़ी से बढ़ गया है। नदी के तेज बहाव के कारण तटवर्ती इलाकों के कई किसानों की फसलें और जमीने बाढ़ की चपेट में आनी शुरू हो गई हैं।
अमलाला गाँव के किसान बचितर सिंह की कई एकड़ जमीन, जिस पर जीरी की फसल लगी हुई थी, नदी के तेज कटाव के कारण पहले ही दिन बुरी तरह बह गई है। नदी द्वारा हो रहे इस तीव्र कटाव (खोरे) के चलते प्रभावित किसानों को भारी आर्थिक नुक़सान का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे चिंता की बात यह है कि कटाव वाली जमीन के बेहद पास एक बड़ा हाई-वोल्टेज बिजली का टावर आ गया है। पानी ने जमीन को इतनी तेज़ी से घसीट लिया है कि यह टावर अब नदी के किनारे से सिर्फ़ 25–30 फ़ुट की दूरी पर खड़ा है।
यदि कटाव ऐसे ही जारी रहा तो यह टावर कभी भी गिर सकता है, जिससे पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति कई दिनों के लिए प्रभावित होने का खतरा बन गया है। इसके अलावा, यदि नदी का बहाव और बदला तो नज़दीकी पुल को भी गंभीर नुकसान हो सकता है।
स्थानीय लोग और प्रभावित किसान, जिनमें गांव के पूर्व सरपंच बलिहार सिंह बल्ली भी शामिल हैं, का कहना है कि इस संबंध में पहले भी प्रशासन को कई बार शिकायत की जा
चुकी है।
उनका दावा है कि जब डीसिल्टिंग का काम किया जा रहा था तो डीसिल्टिंग के नाम पर घग्गर नदी का बहाव उलटा करवाया गया, जिससे पानी उनके खेतों की ओर मुड़ गया और तब से समस्या और बढ़ गई।
लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से अपील की है कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किए जाएं और नदी के बैरियर/बंदी को मजबूत किया जाए ताकि किसी बड़े हादसे और और अधिक नुकसान से बचा जा सके।
डेराबस्सी में बारिश के कारण गलियों की हालत खस्ता, लोग हो रहे परेशान
हलके में पिछले दिनों हुई भारी बारिश ने प्रशासन के विकास कार्यों के दावों की पोल खोल दी है। डेराबस्सी क्षेत्र के शक्ति नगर और मीरपुर इलाकों में बरसाती पानी का निकास न होने के कारण गलियों की हालत बेहद दयनीय हो चुकी है, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार बारिश का पानी गलियों में कई दिनों तक खड़ा रहता है, जिससे पूरी गलियां कीचड़ से भर गई हैं। सड़कों पर पड़े गहरे गड्ढों में पानी भरने के कारण वाहन चालक, खासकर दोपहिया वाहन चालकों के गिरने और चोटिल होने का खतरा लगातार बना हुआ है।
कॉलोनी वासियों ने कहा कि गलियों में खड़े पानी के कारण वहां मच्छर और मक्खियां पैदा होना शुरू हो गई हैं। उन्हें डर है कि इससे डेंगू, मलेरिया जैसी खतरनाक बीमारियां फैलने न लगें। बच्चों और बुजुर्गों का घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। सीवरेज और नालियों की सफाई न होने के कारण बरसाती पानी सड़कों पर ही रुक जाता है। लंबे समय से गलियों की मरम्मत न होने के कारण रास्ते पूरी तरह नकारा हो चुके हैं। लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद नगर काउंसिल या संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। शक्ति नगर और मीरपुर के निवासियों ने प्रशासन और स्थानीय विधायक से मांग की है कि इन गलियों की हालत को जल्द से जल्द सुधारें, सीवरेज सिस्टम को दुरुस्त करें और टूटी सड़कों की मरम्मत करवाई जाए ताकि लोगों को इस दुःखद जीवन से निजात मिल सके। लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वे कड़ा संघर्ष करने के लिए मजबूर होंगे।
घग्गर में मछली पकड़ने गए मनीमाजरा के दो युवकों नहीं चला सुराग, तलाशी अभियान जारी
अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर भांखरपुर के पास घग्गर नदी में मछली पकड़ने गए मनीमाजरा के तीन दोस्तों में से दो तेज बहाव में बह गए, जबकि तीसरा युवक किसी तरह जान बचाने में सफल रहा। हादसे के 24 घंटे बाद भी दोनों लापता युवकों का कोई सुराग नहीं लग पाया है।
जानकारी के अनुसार मनीमाजरा की इंदिरा कॉलोनी निवासी चंदा, सुरिंदर और दर्शन शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे ऑटो से भांखरपुर स्थित घग्गर नदी में मछली पकड़ने पहुंचे थे। तीनों बहते पानी में चुन्नियां डालकर मछली पकड़ रहे थे। इसी दौरान अचानक तेज बहाव की चपेट में आ गए।
हादसे में बचे चंदा ने बताया कि सबसे पहले दर्शन का पैर फिसला और वह नदी में गिर गया। उसे बचाने के लिए सुरिंदर भी पानी में उतरा, लेकिन वह भी तेज बहाव में बह गया। चंदा ने भी दोनों को बचाने की कोशिश की, लेकिन बहाव इतना तेज था कि उसके पैर जमीन पर नहीं टिक सके। उसने किसी तरह किनारे की झाड़ियों और बूटों की जड़ पकड़कर अपनी जान बचाई।
चंदा ने बताया कि उसके पास न तो मोबाइल फोन था और न ही घर लौटने के पैसे। वह लिफ्ट मांगते हुए पैदल मनीमाजरा पहुंचा और शाम करीब 4 बजे परिजनों को हादसे की सूचना दी। सूचना मिलते ही दोनों लापता युवकों के परिजन घग्गर नदी के किनारे पहुंच गए। मुबारिकपुर पुलिस चौकी प्रभारी कुलवंत सिंह ने बताया कि लापता युवकों की तलाश लगातार जारी है। बनूड़ वियर सहित आसपास के क्षेत्रों को भी सूचना दे दी गई है, क्योंकि वहां पानी रुककर आगे बढ़ता है। हालांकि घटना के 24 घंटे बाद भी दोनों का कोई पता नहीं चल सका है। शाम 6 बजे तक तलाश ज़ारी थी। पुलिस ने गोताखोरों की मदद लेने का प्रयास किया, लेकिन घग्गर नदी में तेज बहाव और पानी का स्तर अधिक होने के कारण गोताखोरों ने नदी में उतरने से इनकार कर दिया। फिलहाल पुलिस टीम नदी किनारे और आसपास के इलाकों में लगातार तलाश अभियान चला रही है। लापता युवकों के परिजन भी घटनास्थल पर मौजूद हैं और अपने प्रियजनों के सकुशल मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं।