गुरमीत सिंह | डेराबस्सी
डेराबस्सी के बरवाला रोड स्थित हंसा पार्क में एक बड़े नकली आयुर्वेदिक दवाइयों के रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। जानकारी के अनुसार, उसी फैक्ट्री का ड्रग लाइसेंस पहले ही 1 जून 2026 को रद्द कर दिया गया था, फिर भी वहां चोरी-छिपे नकली ब्रांडेड आयुर्वेदिक दवाइयां और तेल तैयार किए जा रहे थे।
विभागने पुलिस के साथ मिल कर उस फैक्ट्री पर छापा मारा, भारी मात्रा में नकली माल जब्त किया और फैक्ट्री को सील कर दिया। पुलिस और ड्रग इंस्पेक्टर की टीम ने बताया कि वहां ‘नूरानी तेल’ और ‘राहत’ ब्रांड के नकली उत्पाद बनाए और बेचे जा रहे थे। शिकायत उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के भगवानपुर में स्थित औपचारिक रूप से पंजीकृत आयुर्वेदिक कंपनी ‘राहत हर्बल रेमेडीज’ के प्रोडक्शन मैनेजर द्वारा दर्ज करवाई गई थी।
शिकायत में कहा गया है कि आरोपियों ने कंपनी के असली उत्पादों के नाम, लोगो, पैकेजिंग और लेबल की हू-ब-हू नकल कर बाजार में नकली दवाइयाँ सप्लाई कीं, जिससे कंपनी के ट्रेडमार्क और कॉपीराइट का उल्लंघन होने के साथ-साथ आम लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा भी दांव पर लग गई। जांच में यह भी सामने आया कि फैक्ट्री का ड्रग लाइसेंस 1 जून 2026 से ही निलंबित था, बावजूद इसके आरोपी गैरकानूनी रूप से कार्य चला रहे थे। प्राप्त शिकायत के बाद ड्रग इंस्पेक्टर जोती बब्बर ने पुलिस पार्टी व कंपनी अधिकारियों के साथ छापा मारा। छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में नकली दवाइयाँ और तेल बरामद किए गए और फैक्ट्री को तत्काल सील कर दिया गया। कॉपीराइट/ट्रेडमार्क उल्लंघन के तहत रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कई संदिग्धों के नाम सामने आए हैं, जिनमें लाफिया, अरशद, सोनिका और पियूष शामिल हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी जिरकपुर और आस-पास के इलाकों के निवासी हैं और यह गिरोह अन्य बड़े शहरों तक अपनी सप्लाई लाइन चला रहा था।