लक्की मेहता | लुधियाना
शनिवार देर रात हुई तेज बारिश ने नगर निगम की मानसून तैयारियों की हकीकत उजागर कर दी। शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया, जबकि सिटी सेंटर के पास सड़क धंसने से बड़ा हादसा होते-होते बच गया। निगम लगातार दावा करता रहा कि बारिश से पहले नालों, रोड जालियों और ड्रेनेज व्यवस्था की पूरी सफाई कर दी गई है, लेकिन तेज बारिश के बाद शहर की तस्वीर इन दावों के बिल्कुल उलट नजर आई।
सबसे गंभीर स्थिति ढोका मोहल्ला में देखने को मिली, जहां गलियां एक बार फिर पानी से लबालब भर गईं। बताया गया कि बुड्ढा दरिया और ढोका मोहल्ला के बीच बनाए गए मिट्टी के बांध के कारण पानी की निकासी प्रभावित हुई। हालात बिगड़ने पर देर रात दोबारा बांध तोड़ा गया, जिसके बाद पानी की निकासी शुरू हुई और लोगों को राहत मिली। रात करीब तीन बजे केंद्रीय विधानसभा क्षेत्र के विधायक अशोक पराशर पप्पी भी बुड्ढा दरिया का जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने मौके पर बहाव में रुकावट बन रहे कचरे को तुरंत हटवाया, ताकि पानी का प्रवाह सामान्य हो सके और आसपास के इलाकों में पानी प्रवेश न करे। स्थानीय पार्षद अरुण शर्मा ने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले भी बारिश के दौरान यही बांध तोड़ा गया था, लेकिन बाद में सीचेवाल मिशन से जुड़े लोगों ने दोबारा बांध बना दिया।
उनका कहना है कि इसी कारण फिर जलभराव की स्थिति बनी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सोमवार तक दोबारा बांध लगाया गया तो क्षेत्रवासी स्वयं उसे तोड़ेंगे और वहीं धरना देंगे।उधर हल्का उत्तरी के टावर लाइन क्षेत्र में भी नगर निगम के दावे फेल साबित हुए। कई रोड जालियां कचरे और गाद से पूरी तरह जाम मिलीं, जिससे बारिश का पानी लंबे समय तक सड़कों पर जमा रहा। समाजसेवी मोहित ने जाम जालियों और जलभराव का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया।