Summer express, रेवाड़ी। हरियाणा के रेवाड़ी जिला नागरिक अस्पताल के डायलिसिस केंद्र से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। वीडियो में डायलिसिस सेंटर में तैनात एक कर्मचारी कथित तौर पर मरीजों की डायलिसिस मशीनें चालू रहने के दौरान कुर्सियां जोड़कर सोता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो बनाने वाले व्यक्ति ने कर्मचारी के नशे में होने का भी दावा किया है। हालांकि, इस दावे और वीडियो की तारीख की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
वायरल वीडियो के सामने आने के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली और मरीजों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि जिस समय कर्मचारी आराम करता दिखाई दे रहा है, उस दौरान डायलिसिस प्रक्रिया जारी थी। यदि वीडियो सही पाया जाता है तो इसे गंभीर लापरवाही माना जा सकता है।
जानकारी के अनुसार जिला नागरिक अस्पताल की पुरानी इमारत की पहली मंजिल पर स्थित डायलिसिस सेंटर का संचालन पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत एक निजी कंपनी द्वारा किया जा रहा है। प्रशासनिक निगरानी स्वास्थ्य विभाग के पास है, जबकि मरीजों की देखभाल, स्टाफ की नियुक्ति और डायलिसिस सेवाओं की जिम्मेदारी संबंधित निजी कंपनी की है।
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि कुछ दिन पहले ही प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने रेवाड़ी का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने जिला अस्पताल को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने, 200 से 300 बेड तक विस्तार करने और नए भवन के निर्माण की दिशा में जल्द काम शुरू होने की बात कही थी। ऐसे में वायरल वीडियो ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले पर जिला अस्पताल के पीएमओ डॉ. सुरेंद्र यादव ने कहा कि वायरल वीडियो उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने बताया कि डायलिसिस सेंटर का संचालन निजी कंपनी के माध्यम से किया जा रहा है और वीडियो में दिखाई दे रहा कर्मचारी भी उसी कंपनी का है। उन्होंने संबंधित कंपनी के अधिकारियों को मामले की गंभीरता से जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
पीएमओ ने कहा कि पूरे मामले की व्यक्तिगत रूप से भी जांच कराई जाएगी। यदि जांच में किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में मरीजों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता न हो।