चंडीगढ़। देश में गैंगस्टर नेटवर्क, मादक पदार्थों की तस्करी और आतंकवाद के बढ़ते गठजोड़ से निपटने के लिए पांच राज्यों पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान व दिल्ली और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने संयुक्त रणनीति पर सहमति बनाई है।
हाल ही में हुई बैठक में विभिन्न राज्यों की पुलिस, केंद्रीय एजेंसियों और सुरक्षा अधिकारियों ने आपसी समन्वय बढ़ाने, खुफिया सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान और संयुक्त अभियानों को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। अधिकारियों का मानना है कि संगठित अपराध, नशा तस्करी और आतंकवाद के बीच बढ़ते संबंधों को देखते हुए राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल आवश्यक है। बैठक में विशेष रूप से पंजाब और सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय नेटवर्क, विदेशों में बैठे गैंगस्टरों के मॉड्यूल, हवाला के जरिए होने वाली फंडिंग और ड्रोन के माध्यम से हथियार एवं मादक पदार्थों की तस्करी जैसे मामलों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने सीमा पार से संचालित आपराधिक और आतंकी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने तथा तकनीकी और वित्तीय जांच को मजबूत करने पर भी सहमति
व्यक्त की।
संयुक्त अभियान पर जोर
बैठक में तय किया गया कि राज्यों की पुलिस और राष्ट्रीय जांच एजेंसी नियमित रूप से सूचनाएं साझा करेंगी और आवश्यकता पड़ने पर संयुक्त अभियान चलाए जाएंगे। फरार अपराधियों की गिरफ्तारी, संपत्तियों की पहचान और अवैध वित्तीय नेटवर्क पर कार्रवाई को भी प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही साइबर माध्यमों से संचालित आपराधिक गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
सीमावर्ती राज्यों पर विशेष फोकस
अधिकारियों के अनुसार, सीमावर्ती राज्यों में नशा तस्करी और आतंकवाद से जुड़े मामलों को देखते हुए समन्वित कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि साझा रणनीति से अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी तथा राष्ट्रीय सुरक्षा को और मजबूती मिलेगी। पंजाब में नशे का नेटवर्क तोड़ने पर विशेष काम होगा।