नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में विनिर्माण, बुनियादी ढांचे और कृषि क्षेत्र को गति देने के उद्देश्य से सात बड़े फैसलों को मंजूरी दी है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण सेमीकॉन 2.0 कार्यक्रम है, जिसके लिए ₹1.27 लाख करोड़ का बजटीय प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा ₹62,500 करोड़ की नई मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग योजना (एमपीएमएस), राष्ट्रीय यूरिया निवेश नीति-2026, वाराणसी के दो एलिवेटेड कॉरिडोर तथा रेलवे क्षमता विस्तार से जुड़ी परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई। इन सभी परियोजनाओं का कुल वित्तीय आकार ₹2.19 लाख करोड़ से अधिक है। सरकार के अनुसार सेमीकॉन 2.0 का उद्देश्य भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर विनिर्माण और डिजाइन का प्रमुख केंद्र बनाना है। योजना के तहत चिप डिजाइन, नई फैब्रिकेशन इकाइयों (फैब), सेमीकंडक्टर उपकरण एवं कच्चे माल, एटीएमपी-ओसैट पैकेजिंग, अनुसंधान तथा कुशल मानव संसाधन विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की भूमिका मजबूत होगी।्र कैबिनेट ने मोबाइल फोन निर्माण को प्रोत्साहन देने के लिए नई मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग योजना को भी मंजूरी दी है। सरकार का मानना है कि इससे घरेलू मूल्य संवर्धन बढ़ेगा, आयात पर निर्भरता घटेगी और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
कृषि क्षेत्र के लिए मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय यूरिया निवेश नीति-2026 को मंजूरी दी है। सरकार का कहना है कि इससे आयात पर निर्भरता कम होगी और किसानों को समय पर यूरिया उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। साथ ही रेलवे से जुड़ी क्षमता विस्तार परियोजनाओं को भी स्वीकृति दी गई है, जिससे माल और यात्री परिवहन को गति मिलने की उम्मीद है।