Summer express, समराला (पंजाब)। पंजाब के लुधियाना जिले के गांव नडेले (सिहाला) की रहने वाली सिमरन रानी ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में शानदार सफलता हासिल करते हुए पूरे देश में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। सिमरन ने 720 में से 715 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक (AIR)-1 हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, गांव और पूरे इलाके में खुशी का माहौल है। घर पर उन्हें बधाई देने वालों का लगातार तांता लगा हुआ है।
सिमरन ने बताया कि उनके पिता जगदीप कुमार और दादा किसान हैं। उन्होंने अपनी 11वीं और 12वीं की पढ़ाई सरकारी स्कूल से पूरी की। 10वीं कक्षा के बाद उनके मामा ने उन्हें मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने और NEET की तैयारी करने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद उन्होंने पूरी लगन और अनुशासन के साथ परीक्षा की तैयारी शुरू की।
उन्होंने बताया कि तैयारी के दौरान वह प्रतिदिन लगभग छह घंटे ऑनलाइन कक्षाएं लेने के साथ 12 से 13 घंटे तक सेल्फ स्टडी करती थीं। नियमित अभ्यास, बेहतर टाइम मैनेजमेंट और कठिन विषयों पर लगातार मेहनत की बदौलत उन्होंने बायोलॉजी, केमिस्ट्री और फिजिक्स जैसे विषयों में मजबूत पकड़ बनाई। उनका मानना है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता और निरंतर मेहनत ही सबसे बड़ी कुंजी है।
सिमरन ने कहा कि NEET परीक्षा से जुड़े विवाद और री-एग्जाम की स्थिति उनके लिए चुनौतीपूर्ण थी। पहले प्रयास में उन्हें 710 अंक मिले थे, लेकिन री-NEET की घोषणा के बाद उन्होंने निराश होने के बजाय अपनी तैयारी को और मजबूत किया। दोबारा परीक्षा में उन्होंने 715 अंक हासिल कर देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया।
अब उनका लक्ष्य प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थान से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर एक सफल डॉक्टर बनना है। वह भविष्य में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से लोगों की सेवा करना चाहती हैं।
सिमरन ने समाज को संदेश देते हुए कहा कि बेटियों को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलने चाहिए। यदि परिवार का सहयोग, विश्वास और सही मार्गदर्शन मिले तो बेटियां किसी भी क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि माता-पिता का समर्थन हर बच्चे की सफलता की सबसे बड़ी ताकत होता है।
सिमरन की इस उपलब्धि पर उनके पिता ने खुशी जताते हुए कहा कि उनकी बेटी ने अपनी मेहनत और समर्पण से पूरे परिवार और गांव का नाम रोशन किया है। वहीं गांव के सरपंच ने कहा कि आज के समय में जहां अधिकांश युवा सोशल मीडिया में व्यस्त रहते हैं, वहीं सिमरन ने अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित कर यह साबित कर दिया कि मेहनत, अनुशासन और सही दिशा में किया गया प्रयास हर सपना साकार कर सकता है। उनकी सफलता पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।