Summer express, चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कैथल ग्रेनेड हमले के मामले में गिरफ्तार एक नाबालिग आरोपी को जमानत दे दी है। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि केवल मोबाइल फोन या सोशल मीडिया के अधिक इस्तेमाल को जमानत से इनकार करने का आधार नहीं बनाया जा सकता। कोर्ट ने यह आदेश किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत सुनाया।
हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कहा कि किशोर आरोपियों को जमानत से वंचित करने के लिए कानून में निर्धारित विशेष परिस्थितियों का होना आवश्यक है। मामले के रिकॉर्ड में ऐसा कोई ठोस साक्ष्य सामने नहीं आया, जिससे यह साबित हो सके कि आरोपी की रिहाई से समाज, जांच या न्यायिक प्रक्रिया पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इसलिए नाबालिग को जमानत देने से इनकार करने का कोई वैधानिक आधार नहीं बनता।
अदालत ने निचली अदालतों की उस दलील को भी स्वीकार नहीं किया, जिसमें कहा गया था कि आरोपी के पिता की मृत्यु हो चुकी है, इसलिए उसकी उचित निगरानी संभव नहीं होगी। हाईकोर्ट ने कहा कि परिवार के एक सदस्य के निधन मात्र से यह नहीं माना जा सकता कि किशोर की देखभाल करने वाला कोई नहीं है। राज्य सरकार भी इस संबंध में कोई ठोस तथ्य या साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सकी।
सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि नाबालिग का पहले किसी भी आपराधिक मामले से कोई संबंध या आपराधिक रिकॉर्ड नहीं रहा है। वह पिछले एक वर्ष, दो माह और 12 दिन से बाल सुधार गृह में निरुद्ध था। इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने उसे जमानत देने का फैसला सुनाया।
गौरतलब है कि यह मामला 6 अप्रैल 2025 का है, जब कैथल में एक पुलिस चौकी के पीछे विस्फोट हुआ था। प्रारंभिक जांच में इसे ग्रेनेड हमला माना गया था। इसके बाद 18 अप्रैल 2025 को 17 वर्ष 10 माह आयु के किशोर को गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसियों के अनुसार, सोशल मीडिया पर प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा की ओर से इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा सामने आया था।
हालांकि, बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि किसी किशोर द्वारा इंटरनेट या सोशल मीडिया का अधिक उपयोग करना यह साबित नहीं करता कि उसके प्रतिबंधित संगठन से संबंध हैं। हाईकोर्ट ने भी इस तर्क को महत्व देते हुए कहा कि केवल इस आधार पर आरोपी के खिलाफ प्रतिकूल निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। अदालत ने सभी तथ्यों और उपलब्ध रिकॉर्ड का परीक्षण करने के बाद नाबालिग आरोपी को जमानत प्रदान कर दी।