Summer express/बिलासपुर, सुभाष -:हिमाचल प्रदेश प्राथमिक शिक्षा संघ द्वारा प्राथमिक शिक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर निकाली जा रही ‘प्राथमिक शिक्षा बचाओ न्याय यात्रा’ रविवार को अपने नौवें दिन बिलासपुर पहुंची। यात्रा का विभिन्न स्थानों पर शिक्षकों और स्थानीय लोगों ने स्वागत किया। इस दौरान यात्रा में शामिल प्रतिनिधियों ने प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और शिक्षकों की लंबित मांगों को सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से रखने का संकल्प दोहराया।
11 जुलाई को कांगड़ा जिले के बनखंडी स्थित मां बगलामुखी मंदिर से पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुई यह यात्रा रविवार को बिलासपुर पहुंची। यहां यात्रा में शामिल सदस्यों ने लक्ष्मी नारायण मंदिर तथा बाबा नाहर सिंह बजिया मंदिर में माथा टेककर प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक शिक्षा और शिक्षकों के हितों के लिए प्रार्थना की। इसके बाद यात्रा अपने अगले पड़ाव शिमला के लिए रवाना हो गई।संघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश शर्मा ने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था के समक्ष खड़ी चुनौतियों को सरकार तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम लागू होने के बाद प्राथमिक शिक्षकों को पदोन्नति से जुड़े कई लाभ प्रभावित हुए हैं, वहीं छोटे बच्चों के लिए आवश्यक शिक्षक व्यवस्था पर भी इसका असर पड़ा है।उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्राथमिक शिक्षकों के हजारों पद रिक्त पड़े हैं, जिसके चलते बड़ी संख्या में प्राथमिक विद्यालय सीमित शिक्षक व्यवस्था के सहारे संचालित हो रहे हैं। संघ का दावा है कि इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और शिक्षा की गुणवत्ता पर भी असर पड़ रहा है। इसके अलावा नई व्यवस्था से मिड-डे मील कर्मियों के रोजगार और जेबीटी अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर भी चिंता जताई गई।
संघ ने यह भी कहा कि छठे वेतन आयोग के लंबित लाभ, एरियर की किस्तें, उच्च ग्रेड पे, एटीटी लाभ तथा जेबीटी से टीजीटी पदोन्नति जैसे कई मामलों में अब तक समाधान नहीं हो पाया है। विशेष रूप से जेबीटी से टीजीटी पदोन्नति पिछले तीन वर्षों से लंबित होने के कारण शिक्षकों में निराशा का माहौल है।यात्रा 25 जुलाई को शिमला पहुंचेगी, जबकि 26 जुलाई को ऐतिहासिक चौड़ा मैदान में प्रदेशभर से आने वाले शिक्षकों की भागीदारी के साथ विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इस दौरान प्राथमिक शिक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों और लंबित मांगों को सरकार के समक्ष प्रमुखता से उठाया जाएगा। संघ ने प्रदेश के शिक्षकों से बड़ी संख्या में शिमला पहुंचकर इस आंदोलन को सफल बनाने की अपील की।